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केरल के सीएम ने सुवेंदु अधिकारी को लिखा पत्र, वरिष्ठ पत्रकार राजगोपाल के पासपोर्ट संबंधी समस्या के समाधान का किया आग्रह

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल के पासपोर्ट संबंधित समस्या को लेकर सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखा। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार के पासपोर्ट रिन्यूअल से इनकार किए जाने के मामले में तुरंत दखल देने का अनुरोध किया।
 

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल के पासपोर्ट संबंधित समस्या को लेकर सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखा। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार के पासपोर्ट रिन्यूअल से इनकार किए जाने के मामले में तुरंत दखल देने का अनुरोध किया।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मैंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर मशहूर पत्रकार आर. राजगोपाल के पासपोर्ट रिन्यूअल से इनकार किए जाने के मामले में तुरंत दखल देने का अनुरोध किया है।

पोस्ट में उन्होंने लिखा कि खबरों के मुताबिक, कोलकाता पुलिस की ओर से नेगेटिव पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट आने के कारण उनका पासपोर्ट रिन्यूअल रुका हुआ है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और इसका समाधान निकाला जाएगा।

सीएम ने पत्र में लिखा कि वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल, जिनका पासपोर्ट रिन्यूअल एप्लीकेशन कोलकाता पुलिस की खराब वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद रोक दिया गया है। मैं समझता हूं कि यह एडवर्स रिपोर्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाने पर आधारित है जबकि चुनाव के मुद्दे को सही अपील प्रोसेस के जरिए निपटाया जा रहा है। मुझे बताया गया है कि पुलिस रिपोर्ट की वजह से उनके पासपोर्ट के रिन्यूअल में देरी हुई है।

उन्होंने लिखा कि राजगोपाल रामदास एक जाने-माने पत्रकार हैं जो पिछले तीन दशकों से कोलकाता में रह रहे हैं। पत्रकारिता में उनका तीन दशकों से ज्यादा का शानदार करियर रहा है, जिसमें द टेलीग्राफ के एडिटर के तौर पर काम करना भी शामिल है। वह प्रोफेसर वी. रामदास के बेटे भी हैं, जिन्होंने केरल में गांधी स्मारक निधि के स्टेट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया था और अपनी पब्लिक सर्विस के लिए बहुत सम्मानित थे। इन हालात में, मैं आपसे अनुरोध करना चाहूंगा कि कृपया इस मामले को जल्दी से देखें।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट में लिखा कि वरिष्ठ पत्रकार को अपनी निडर पत्रकारिता और जवाबदेही की मांग करने के लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी है। पश्चिम बंगाल में खराब एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनका नाम हटा दिए जाने के बाद उनसे वोट देने का अधिकार छीन लिया गया। उनके पासपोर्ट का रिन्यूअल नहीं हो सका।10 साल का वैलिड अमेरिकी वीजा होने के बावजूद वह अमेरिका में अपनी बेटी की शादी में शामिल नहीं हो पाए। एक पत्रकार को सिर्फ सच्ची पत्रकारिता करने के लिए अपनी पहचान साबित करने के लिए परेशान किया जा रहा है।

--आईएएनएस

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