केरल कांग्रेस नेता सतीशन की केंद्र से अपील, ईस्टर के कारण एनटीए परीक्षाओं की तारीख बदलने की मांग
तिरुवनंतपुरम, 26 मार्च (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 2 और 5 अप्रैल को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षाओं की तारीखें बदलने की मांग की है।
सतीशन ने 24 मार्च को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि एनटीए द्वारा तय की गई ये दोनों तारीखें ईसाई समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों के साथ मेल खा रही हैं। 2 अप्रैल को 'मोंडी थर्सडे' (पेसाहा) और 5 अप्रैल को ‘ईस्टर संडे’ है, जो ईसाई धर्म के सबसे पवित्र दिनों में शामिल हैं।
उन्होंने लिखा, "इन तिथियों पर प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन करने से ईसाई छात्रों को अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं और धार्मिक कर्तव्यों के बीच कठिन चुनाव करना पड़ेगा। इससे धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों की भावना पर आंच आ सकती है।"
वी.डी. सतीशन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि एनटीए को निर्देश दिए जाएं ताकि इन परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित कर बाद की अधिक उपयुक्त तारीख पर आयोजित किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षाएं 15 अप्रैल के बाद, केरल के प्रमुख पर्व ‘विशु’ के बाद रखी जाएं।
पत्र में सतीशन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा एजेंसी को देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा समय-सारिणी तैयार करते समय विभिन्न धर्मों के प्रमुख त्योहारों और अनुष्ठानों को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय के छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो।
केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप सभी नागरिकों को अपनी धार्मिक आस्था और शैक्षणिक करियर दोनों को बिना किसी समझौते के आगे बढ़ाने का अधिकार है।
यह पत्र ऐसे समय में आया है जब एनटीए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटा हुआ है। केरल में ईसाई समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है और ईस्टर के अवसर पर बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
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