केंद्रीय स्वास्थ्य परिषद की बैठक में गुजरात ने उठाए अहम मुद्दे, प्रफुल पानशेरिया ने दिए कई सुझाव
नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण केंद्रीय परिषद (सीसीएचएफडब्ल्यू) की 16वीं बैठक में गुजरात का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने राज्य और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए। इसके साथ ही "एनीमिया मुक्त भारत" अभियान की संचालन संबंधी दिशानिर्देश भी जारी किए गए। बैठक में इन पहलों की सराहना की गई और कहा गया कि ये प्रयास कुपोषण मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने केंद्र सरकार के समक्ष कई अहम सुझाव रखे।
उन्होंने सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के मरीजों को उन्नत अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स, राजकोट में पूर्ण ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधा विकसित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे पश्चिमी गुजरात के हजारों मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 में आवश्यक संशोधन कर और अधिक कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि मिलावट के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते और अनियंत्रित उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) जैसी गंभीर समस्या पैदा हो रही है, इसलिए देशभर में एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार और नियंत्रित उपयोग के लिए प्रभावी नीति बनाकर उसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए गुजरात सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी।
--आईएएनएस
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