केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से किया स्वीकार
नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्रीजॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। राष्ट्रपति की ओर से जानकारी दी गई कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
जार्ज कुरियन केरल भाजपा के नेता हैं। उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। भाजपा की ओर से पहले ही संकेत दे दिए गए थे कि उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। 24 जून 2026 को उनका मध्य प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार संसद सदस्य न होने के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा। उनके इस्तीफे को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
कुरियन ने 9 जून 2024 को बतौर केंद्रीय राज्य मंत्री शपथ ली थी। 11 जून को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। 65 वर्षीय कुरियन भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे 1980 में पार्टी बनने के वक्त से ही सदस्य रहे हैं। उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां निभाईं। बड़ी बात यह है कि उन्होंने केरल में पार्टी के विस्तार के लिए काम किया।
जार्ज कुरियन कोट्टायम के रहने वाले हैं। 2024 में मोदी सरकार 3.0 में उन्हें मंत्री बनाया गया था, जो केरल से पार्टी की ईसाई आउटरीच रणनीति का हिस्सा था। केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कंजिराप्पल्ली सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में उतरे कुरियन चुनाव हार गए थे।
कुरियन केरल भाजपा के वरिष्ठ नेता और ईसाई समुदाय के प्रमुख चेहरे हैं, ऐसे में उनका इस्तीफा देना चर्चा का विषय बना हुआ है। केरल भाजपा के उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
--आईएएनएस
एसडी/पीएम
