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केंद्रीय बलों की तैनाती के बिना शांतिपूर्ण चुनाव कराना मुश्किल : दिलीप घोष

न्यूटाउन, 28 फरवरी (आईएएनएस)। बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के आसपास हिंसा के माहौल में, ऐसा लग रहा है कि केंद्रीय बलों की तैनाती के बिना चुनाव आयोग के लिए शांतिपूर्ण चुनाव कराना मुश्किल होगा।
 
केंद्रीय बलों की तैनाती के बिना शांतिपूर्ण चुनाव कराना मुश्किल : दिलीप घोष

न्यूटाउन, 28 फरवरी (आईएएनएस)। बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के आसपास हिंसा के माहौल में, ऐसा लग रहा है कि केंद्रीय बलों की तैनाती के बिना चुनाव आयोग के लिए शांतिपूर्ण चुनाव कराना मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा कि गांव-गांव के लोग बोल रहे हैं कि केंद्रीय बल चाहिए, नहीं तो चुनाव ठीक से नहीं हो पाएगा। न वोट डाल पाएंगे और न मतगणना हो पाएगी। इसलिए चुनाव का वातावरण बनते ही यहां केंद्रीय बलों को बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि केवल केंद्रीय बलों के आने से नहीं होगा। केंद्रीय बलों का कड़ाई से मूवमेंट हो और केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि टीएमसी किसे अपना उम्मीदवार चुनती है, यह पूरी तरह उसके अपने हाथ में है। लेकिन राजीव कुमार जैसे लोग, जिन्होंने ममता बनर्जी को प्रशासन चलाने में बहुत मदद की और हर संकट के समय उनके साथ खड़े रहे, उन्हें पुरस्कृत किया जाना तय था। परिवर्तन यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार परिवर्तन यात्रा के लिए अनुमति नहीं दे रही है। ऐसा पहले भी हो चुका है। हालांकि, अदालत द्वारा दी गई अनुमति के आधार पर यह यात्रा आगे बढ़ेगी।

बता दें कि एक दिन पहले दिलीप घोष ने जानकारी दी थी कि यहां एक परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया था कि हमारे सभी वरिष्ठ नेता इसमें हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा था कि बंगाल को अस्त-व्यस्त करने की योजना चल रही है। कहीं बच्चों को उठाकर ले गए, सब जगह बम का डर दिखाया जा रहा है। लोगों को डरा कर चुनाव कराने की साजिश चल रही है। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की भी प्रतिक्रिया सामने आई थी। एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल में एसआईआर को लेकर एक स्पष्ट भय पैदा हो गया है। वे इससे इतने ग्रस्त हैं कि जागते या सोते समय भी उन्हें इसमें कुछ न कुछ नकारात्मक ही दिखाई दे रहा है। इसी वजह से वे एसआईआर के बारे में भयभीत होकर बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सीएम हों, सांसद हो या फिर विधायक हों, सब डरे हुए हैं।

--आईएएनएस

एसडी/एएस