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केंद्र सरकार की योजना बनी सहारा, अजोला उत्पादन से महिलाओं को मिला रोजगार, पीएम मोदी का जताया आभार

धमतरी, 23 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कई तरह की योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ लेकर महिलाएं अच्छी आमदनी कर रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
 

धमतरी, 23 अगस्‍त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कई तरह की योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ लेकर महिलाएं अच्छी आमदनी कर रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर वे आत्‍मनिर्भर बन रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्‍य के धमतरी में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर ग्राम पंचायत अमाली की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने खरपतवार से कमाई कर एक मिसाल पेश की है।

दरअसल, तालाबों में उगने वाली अजोला को अक्सर बेकार समझा जाता है, लेकिन नगरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमाली की एनआरएलएम से जुड़ी बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इसे आत्मनिर्भरता का जरिया बना दिया है।

कृषि सखी अनिता बाई मरकाम ने पशु चिकित्सा विभाग से प्रशिक्षण लेकर घर में टैंकों में अजोला उत्पादन शुरू किया और वैज्ञानिक विधि और नियमित देखभाल से अब तक 25 किलो अजोला तैयार कर चुकी है।

समूह की महिलाएं अजोला का उपयोग धान की खेती में जैविक पूरक के रूप में कर रही हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक खाद पर निर्भरता घटती है। इसके अलावा पशुपालन, मछली पालन और मुर्गी पालन में पौष्टिक आहार के रूप में भी इसका उपयोग हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत कम हुई है।

भविष्य में समूह जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की योजना भी बना रहा है। अनीता बाई ने बताया कि पहले उन्हें अजोला की जानकारी नहीं थी, लेकिन यही उनके परिवार, समूह की अन्य महिलाओं और आसपास की किसानों के लिए उपयोगी संसाधन बन चुका है। समूह की महिलाएं अपने पशुओं को खिलाने के साथ-साथ खेती में भी इसका उपयोग कर रही है। इससे उन्हें आर्थिक लाभ के साथ प्रकृति खेती अपनाने का आत्मविश्वास भी मिला है। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार जताया है।

कृषि मित्र के रूप में काम करने वाली अनीता ने बताया कि वह अजोला बनाने का काम करती हैं। अजोला खिलाने से दूधारू पशुओं के दूध की बढ़ोतरी होती है। इसे गाय, बकरी और मुर्गी को खिलाया जाता है। अजोला के उत्‍पादन से अच्‍छी आमदनी होती है। प्रशिक्षण के मुताबिक काम किया जाता है। अजोला की खेती से परिवार का पालन-पोषण करती हूं। महिलाओं के रोजगार निकालने के लिए पीएम मोदी को बहुत आभार व्‍यक्‍त करती हूं।

कौशल्या साहू ने बताया कि 200 ग्राम अजोला की खेती की हैं और इससे तीन टंकी तैयार हुआ। इससे 9 हजार रुपए की बिक्री हो गई।

धमतरी के कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि महिलाएं लखपति दीदी और प्राकृतिक खेती के जरिए देश में नाम कर रही हैं। केंद्र और राज्‍य सरकारें रासायनिक खेती के बजाए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। इसमें अजोला ऑगेनिक खाद के लिए कारगार साबित हो रहा है। अजोला के जरिए महिलाएं लखपति बनकर अच्‍छी कमाई कर रही हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी