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केदार घाटी में लगातार बारिश से अलकनंदा-मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

रुद्रप्रयाग, 6 सितंबर (आईएएनएस)। केदार घाटी और जिले के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
 

रुद्रप्रयाग, 6 सितंबर (आईएएनएस)। केदार घाटी और जिले के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 625.90 मीटर दर्ज किया गया। इसका वार्निंग लेवल 626 मीटर निर्धारित है। ऐसे में नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़कर 624.90 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका वार्निंग लेवल 625 मीटर है। दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

लगातार बारिश के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की गई है। रविवार सुबह तक रुद्रप्रयाग में 8 मिलीमीटर, ऊखीमठ में 12.50 मिलीमीटर और जखोली में 15 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने से नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को बारिश के दौरान नदी-नालों और जलधाराओं के समीप जाने से बचने तथा अनावश्यक रूप से नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदियों का जलस्तर वार्निंग लेवल तक पहुंचने की स्थिति में लाउडस्पीकर और वाहनों के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी जाएगी। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी सूचित किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने और लगातार बारिश के दौरान किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम