कावेरी मुद्दे पर सीएम आवास पर हुई सर्वदलीय बैठक, राज्यहित में एकजुट रहने का किया आह्वान
बेंगलुरु, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कावेरी नदी के जल बंटवारे के मुद्दे पर रविवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास 'कृष्णा' में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, एचडी कुमारस्वामी, डीवी सदानंद गौड़ा और बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री वी सोमन्ना और शोभा करंदलाजे, उपमुख्यमंत्री जीपरमेश्वर, कई मंत्री, सांसद, विपक्ष के नेता, वरिष्ठ अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कावेरी विवाद कोई नया विषय नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा है, जिसके साथ राज्य की कई पीढ़ियां बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के किसानों और आम लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की राजनीतिक परंपरा रही है कि जब भी राज्य के हितों का प्रश्न सामने आया है, तब सभी दलों ने अपने मतभेद भुलाकर एकजुटता का परिचय दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी सभी राजनीतिक दल राज्य के हितों की रक्षा के लिए एक स्वर में अपनी बात रखेंगे।
डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का रुख हमेशा से यह रहा है कि पीने के पानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस मुद्दे पर सभी दलों के नेताओं की सहमति है और राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कावेरी जल विनियमन समिति और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठकों से पहले उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों सीआर पाटिल, प्रह्लाद जोशी और वी सोमन्ना के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार से मुलाकात कर कर्नाटक का पक्ष विस्तार से रखा था। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष भी राज्य की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जिसके लिए वे उनके आभारी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली में आयोजित सांसदों की बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने सभी दलों और जनप्रतिनिधियों से राज्यहित को सर्वोपरि रखते हुए सामूहिक प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने हाल ही में कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु को 15 दिनों के लिए 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था, और राज्य की अपील को खारिज कर दिया था।
--आईएएनएस
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