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कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की 51वीं बैठक, तमिलनाडु ने जून में 9.91 टीएमसी पानी छोड़ने की मांग की

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) की 51वीं बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष एस.के. हलदर ने की। तमिलनाडु सरकार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और प्राधिकरण के सदस्य डॉ. सत्यब्रत साहू ने चेन्नई स्थित सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
 
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की 51वीं बैठक, तमिलनाडु ने जून में 9.91 टीएमसी पानी छोड़ने की मांग की

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) की 51वीं बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष एस.के. हलदर ने की। तमिलनाडु सरकार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और प्राधिकरण के सदस्य डॉ. सत्यब्रत साहू ने चेन्नई स्थित सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान तमिलनाडु के प्रतिनिधि ने राज्य में जल भंडारण की स्थिति और कावेरी नदी जल वितरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि 25 मई तक मेट्टूर बांध में जल भंडारण का स्तर 40.742 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) दर्ज किया गया है। वर्तमान समय में बांध से पीने के पानी, औद्योगिक उपयोग तथा पर्यावरणीय प्रवाह की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति सेकंड 1,003 क्यूबिक फीट पानी छोड़ा जा रहा है।

तमिलनाडु के प्रतिनिधि ने कहा कि मौजूदा सिंचाई वर्ष 2025-26 के दौरान, यानी 1 जून 2025 से 24 मई 2026 तक, राज्य को बिलिगुंडुलु बिंदु पर निर्धारित 176.685 टीएमसी पानी के मुकाबले 329.166 टीएमसी पानी प्राप्त हुआ है। इसमें अतिरिक्त अथवा अधिशेष जल प्रवाह भी शामिल है।

बैठक के दौरान कर्नाटक के प्रतिनिधि ने यह मुद्दा उठाया कि राज्य द्वारा छोड़े गए अतिरिक्त पानी को भी जल आवंटन के हिसाब में शामिल किया जाना चाहिए। इस पर तमिलनाडु के प्रतिनिधि ने कड़ा विरोध जताया।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक उस अधिशेष पानी पर अधिकार नहीं जता सकता, जिसे वह अपने जलाशयों में संग्रहित नहीं कर पाया और जिसे बाद में निचले क्षेत्रों की ओर छोड़ना पड़ा।

तमिलनाडु ने स्पष्ट किया कि अधिशेष जल को नियमित आवंटन का हिस्सा मानना न्यायसंगत नहीं होगा। राज्य ने कहा कि कावेरी जल बंटवारे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।

बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, केरलम में दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को दस्तक दे सकता है। मानसून के सामान्य रहने की संभावना और कर्नाटक के जलाशयों में संभावित जल-प्रवाह को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु ने प्राधिकरण से जून 2026 के लिए 9.91 टीएमसी पानी छोड़ने को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

कावेरी जल बंटवारा लंबे समय से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच संवेदनशील मुद्दा रहा है। ऐसे में प्राधिकरण की यह बैठक दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी