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कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहीं नहीं दिख रहा इंडिया गठबंधन: आरपी सिंह

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ रहे अंदरूनी मतभेदों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गठबंधन में शामिल कई दल कांग्रेस से नाराज हैं। डीएमके ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है, जबकि सीपीआई(एम) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी कांग्रेस की खुलकर आलोचना की है। आम आदमी पार्टी, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दल भी बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं।
 
कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहीं नहीं दिख रहा इंडिया गठबंधन: आरपी सिंह

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ रहे अंदरूनी मतभेदों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गठबंधन में शामिल कई दल कांग्रेस से नाराज हैं। डीएमके ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है, जबकि सीपीआई(एम) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी कांग्रेस की खुलकर आलोचना की है। आम आदमी पार्टी, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दल भी बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं।

आरपी सिंह ने कहा, "कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जिस इंडिया गठबंधन की बात की जाती है, वह वास्तव में कहीं दिखाई नहीं देता। यह गठबंधन केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए बना था। बाद में सभी दल अपने-अपने राजनीतिक हितों में लग गए हैं।"

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और कांग्रेस आमने-सामने थीं, जबकि केरलम में कांग्रेस और वाम दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। तमिलनाडु में डीएमके भी कांग्रेस पर सवाल उठा चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि अगले एक वर्ष में राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का पद भी खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े होंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अशोक गहलोत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि यह कोई नई जानकारी नहीं है। सभी जानते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का प्रस्ताव उन्हें दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें संगठन की तुलना में मुख्यमंत्री पद अधिक प्रिय था।

ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और कथित गुंडाराज से बंगाल की जनता परेशान रही है। अब पार्टी के भीतर भी कई नेता उनसे दूरी बनाना चाहते हैं।

राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोपों पर आरपी सिंह ने कहा, "अखिलेश यादव पहले राम मंदिर जाएं और फिर ऐसे सवाल उठाएं। यदि उनके पास कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक करें। बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार लंबे कार्यकाल पर उन्होंने कहा कि यह केवल कार्यकाल की अवधि का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण करोड़ों भारतीय गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

मदरसों की जांच के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों को सरकारी सहायता मिलती है, उनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां कौन पढ़ रहा है और करदाताओं का पैसा किस प्रकार खर्च किया जा रहा है।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी