Aapka Rajasthan

‘कार्रवाई होनी चाहिए’, आईपीएस अजय पाल शर्मा के वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव

लखनऊ, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर मशहूर यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के पश्चिम बंगाल चुनाव से संबंधित एक वायरल वीडियो पर यूपी की सियासत तेज हो गई है। इस वीडियो को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
 
‘कार्रवाई होनी चाहिए’, आईपीएस अजय पाल शर्मा के वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव

लखनऊ, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर मशहूर यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के पश्चिम बंगाल चुनाव से संबंधित एक वायरल वीडियो पर यूपी की सियासत तेज हो गई है। इस वीडियो को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह वीडियो कहां से आया या इसे कैसे पोस्ट किया गया। लेकिन, अगर किसी अधिकारी का खासकर किसी आईपीएस अधिकारी का व्यवहार ऐसा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई उसकी कमजोरी का फायदा उठाए। अब तक उत्तर प्रदेश में जो देखने को मिला है, वह यह है कि आईपीएस अधिकारियों और अफसरों की कमजोरियों पर दबाव डालकर सरकार कई लोगों के साथ अन्याय कर रही है। शायद यह वही अधिकारी हैं जिन्होंने बड़े पैमाने पर लोगों के साथ अन्याय किया।

गाजीपुर घटना के पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार अलग तरह की है। यह आमतौर पर मीडिया या पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं करती। फिर भी, मुझे खुशी है कि हमारे प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। हम उस परिवार की मदद करना चाहते थे और उनके समुदाय द्वारा जुटाए गए पैसे के साथ-साथ पार्टी के योगदान से, उन्हें 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा सकी है। लेकिन न्याय का मामला अभी भी अधूरा है। उस परिवार को न्याय मिलना चाहिए। सपा के कार्यकर्ताओं पर जो झूठे मुकदमे लगे हैं, सरकार को वापस लेना चाहिए।

अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा कि बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर बने उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है, साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है। भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति व अधिकारी अपवाद नहीं हैं। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है, अगर वो ‘ऐसे’ हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं। देखते हैं इनकी निलंबन-बर्खास्तगी कितनी जल्दी होती है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम