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कर्नाटक : रायचूर में नकली डॉक्टर के इंजेक्शन से 15 वर्षीय छात्रा की मौत, सदमे में माता-पिता

रायचूर, 28 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के रायचूर जिले के मस्की तालुका में स्थित अमिनागाड गांव में एक नकली डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के साइड इफेक्ट से 9वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा की दुखद मौत हो गई है। मृतका की पहचान सिंधु (15 वर्ष) के रूप में हुई है।
 
कर्नाटक : रायचूर में नकली डॉक्टर के इंजेक्शन से 15 वर्षीय छात्रा की मौत, सदमे में माता-पिता

रायचूर, 28 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के रायचूर जिले के मस्की तालुका में स्थित अमिनागाड गांव में एक नकली डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के साइड इफेक्ट से 9वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा की दुखद मौत हो गई है। मृतका की पहचान सिंधु (15 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, सिंधु की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही थी। उसकी दादी उसे इलाज कराने के लिए गांव में ही रहने वाले उत्तम कुमार नामक व्यक्ति के पास ले गईं। उत्तम कुमार खुद को डॉक्टर बताकर अमिनागाड और आसपास के गांवों में लोगों का इलाज करता था। बिना किसी जांच या बीमारी का सही पता लगाए उसने सिंधु को एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद लड़की को गंभीर साइड इफेक्ट्स हुए और उसकी हालत बिगड़ गई।

परिवारवालों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सिंधु के माता-पिता रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु गए हुए थे। उन्होंने अपने तीन बच्चों में सबसे बड़ी सिंधु को उसकी दादी के पास छोड़ रखा था। बीमारी के बारे में पता चलने पर दादी ने माता-पिता को फोन पर बताया। जब वे गांव पहुंचे तो उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। परिवार गहरे सदमे में है।

लड़की के पिता ने इस घटना की शिकायत कविता पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और नकली डॉक्टर उत्तम कुमार की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी पूरी पृष्ठभूमि और अन्य गांवों में किए गए इलाज की जानकारी सामने आने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, उत्तम कुमार मूल रूप से बंगाल का रहने वाला है।

वह पिछले कुछ समय से अमिनागाड गांव और आसपास के इलाकों में आता-जाता था और खुद को डॉक्टर बताकर साधारण बीमारियों का इलाज करता था। गांववासी बिना किसी संदेह के उसके पास जाते थे। पुलिस का कहना है कि वह बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के प्रैक्टिस कर रहा था, जो कानूनन दंडनीय अपराध है।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में नकली डॉक्टरों की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। कई दूर-दराज के गांवों में योग्य चिकित्सकों की कमी के कारण लोग ऐसे नकली चिकित्सकों पर निर्भर रहते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को ऐसे लोगों पर सख्त निगरानी रखने की जरूरत है।

रायचूर जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीम आरोपी की धर-पकड़ में जुटी हुई है। परिवारवालों को न्याय दिलाने और नकली डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।

--आईएएनएस

एससीएच