कर्नाटक के ठेकेदारों की सीएम शिवकुमार से मांग, 38 हजार करोड़ रुपए के बकाये का जल्द भुगतान करें
बेंगलुरु, 2 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में लंबित पड़े करीब 38,000 करोड़ रुपए के बकाये भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की है। ठेकेदार संघ का कहना है कि वर्ष 2021-22 से लंबित भुगतान के कारण करीब 1.5 लाख ठेकेदार और उनके परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
सोमवार को मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में ठेकेदार संघ ने याद दिलाया कि सरकार की ओर से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि सभी लंबित देनदारियों का भुगतान दो महीने के भीतर कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
संघ ने सरकार से यह भी मांग की कि बिना बजटीय प्रावधान के नए कार्यों के लिए निविदाएं (टेंडर) जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही नए विकास कार्य शुरू करने से पहले पुराने कार्यों के लंबित बिलों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
ठेकेदार संघ ने पैकेज टेंडर प्रणाली को समाप्त करने, टेंडर प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप को रोकने और कार्य अनुभव एवं टर्नओवर पात्रता अवधि को बढ़ाकर 10 वर्ष करने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन में वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए 8 प्रतिशत वैट-जीएसटी अंतर राशि जारी करने तथा भुगतान जारी करने के लिए अनिवार्य किए गए कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट मॉड्यूल की शर्त वापस लेने की मांग भी की गई है।
संघ ने जल जीवन मिशन की परियोजनाओं के भुगतान में देरी, कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लिए आवंटित धनराशि के वितरण और ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण द्वारा रोके गए भुगतानों पर भी चिंता जताई है। इन मुद्दों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की मांग की गई है।
इसके अलावा ठेकेदार संघ ने कर्नाटक वन विभाग की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। संघ का दावा है कि हजारों करोड़ के कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना धारा 13(बी) के तहत आवंटित किए गए हैं।
ठेकेदार संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि संबंधित मंत्रियों, विभागीय सचिवों और अधिकारियों की एक बैठक बुलाकर इन सभी मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए, ताकि ठेकेदारों को राहत मिल सके और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
--आईएएनएस
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