करौली में झोलाछाप के इंजेक्शन से बच्चे की मौत, आरोपी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: सतीश चंद मीणा
करौली, 4 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के करौली में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन के बाद एक बच्चे की मौत हो गई। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। करौली के सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
डॉ. सतीश चंद मीणा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि करौली जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ पहले से ही अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मेडिकल टीमों की कमेटी बनाई गई है, जो समय-समय पर ऐसे अवैध क्लीनिकों और फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई करती रहती है। जहां भी झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत टीम भेजकर जांच की जाती है और नियमों के तहत कार्रवाई होती है।
सीएमएचओ ने बताया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी क्लीनिक या अस्पताल चलाना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति बिना वैध डिग्री के इलाज करता है या गलत तरीके से एलोपैथिक दवाइयों और इंजेक्शन का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी के पास सिर्फ आयुर्वेदिक डिग्री है तो वह केवल आयुर्वेदिक इलाज ही कर सकता है। एलोपैथिक दवाएं या इंजेक्शन देना कानूनन गलत है और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई तय है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, करौली में हाल में सामने आई घटना को लेकर उन्होंने बताया कि जिस बच्चे की मौत हुई है, उसका मामला सामने आने के बाद तुरंत जांच टीम गठित कर दी गई है। संबंधित क्षेत्र में टीम को भेजा गया है और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इलाज के दौरान किन परिस्थितियों में यह घटना हुई।
सीएमएचओ ने कहा कि यह घटना बहुत गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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