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कपिल मिश्रा ने फोटो शेयर कर 'आप' पर उठाए सवाल, कहा- लापता आतिशी कहां हैं?

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर 'गुरुओं' के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।
 
कपिल मिश्रा ने फोटो शेयर कर 'आप' पर उठाए सवाल, कहा- लापता आतिशी कहां हैं?

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर 'गुरुओं' के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।

मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आतिशी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "जिसने अपराध किया है, वह फरार है, लापता है, मिसिंग है।"

कपिल मिश्रा ने जो पोस्टर शेयर किया है, उसमें लिखा है कि 'लापता आतिशी मार्लेना कहां हैं?'

कपिल मिश्रा का आरोप है कि 'गुरुओं' पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद आतिशी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रही हैं और उनकी पार्टी जानबूझकर उन्हें मीडिया से दूर रखे हुए है।

इसी बीच भाजपा दिल्ली इकाई ने भी इस मुद्दे पर एक पोस्टर जारी किया। पोस्टर में लिखा गया, "गुरुओं का अपमान करके भागने वाली 'लापता की तलाश'।" भाजपा ने इस पोस्टर के जरिए आतिशी पर निशाना साधते हुए उनके कथित व्यवहार को अस्वीकार्य बताया।

मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं पर चर्चा चल रही थी। यह चर्चा गुरु तेगबहादुर, भाई मतिदास, भाई सतिदास और भाई दयाला की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही थी। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बीच में हस्तक्षेप किया और कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

कपिल मिश्रा ने कहा कि इस घटना के बाद जिस तरह से आतिशी सार्वजनिक जीवन से गायब हो गई हैं, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि टिप्पणी जानबूझकर की गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को दबाने के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के इशारे पर पंजाब के संसाधनों और पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुओं के सम्मान से जुड़ा यह विषय बेहद संवेदनशील है और इस पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम