कपिल देव: भारत के महानतम ऑलराउंडर, जिन्होंने टीम इंडिया में जगाया आत्मविश्वास
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के महानतम ऑलराउंडर में शुमार कपिल देव देश को पहला विश्व कप खिताब जिताने वाले कप्तान भी हैं। तेज गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर कपिल देव ने भारतीय टीम में आत्मविश्वास जगाया।
6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में जन्मे कपिलदेव रामलाल निखंज ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। आखिरकार, अक्टूबर 1978 में उन्हें वनडे के बाद टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू का मौका मिला। कपिल देव ने दोनों प्रारूपों में अपना पदार्पण पाकिस्तान के ही खिलाफ किया।
कपिल देव ने अपने तीसरे ही मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 33 गेंदों में भारत का सबसे तेज टेस्ट अर्धशतक लगाया। 1979-80 में पाकिस्तान के विरुद्ध घरेलू सीरीज में उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 32 विकेट के साथ बल्ले से 278 रन बनाए। भारत ने 6 मुकाबलों की इस सीरीज को 2-0 से अपने नाम किया था।
तेज और स्विंग गेंदबाजी के लिए मशहूर कपिल देव मैच जिताऊ पारियों के लिए पहचाने गए। वह न सिर्फ तेज गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर थे, बल्कि उन्होंने एक शानदार फील्डर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।
18 जून 1983 को खेले गए विश्व कप मैच में कपिल देव ने नाबाद 175 रन की पारी खेलते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया था। उस पारी में भारत ने महज 103 के स्कोर तक 5 विकेट गंवा दिए थे। शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया इस मुकाबले को गंवा देगी, लेकिन कप्तान कपिल देव ने 138 गेंदों में 6 छक्कों और 16 चौकों के साथ 175 रन की नाबाद पारी खेलते हुए भारत को 60 ओवरों के खेल तक 266/8 के स्कोर तक पहुंचाया।
इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 57 ओवरों में महज 235 रन पर सिमट गई। बतौर गेंदबाज कपिल देव ने 11 ओवरों में महज 32 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था, लेकिन दुर्भाग्य से बीबीसी की हड़ताल के चलते मैच का टेलीकास्ट नहीं हुआ था। कपिल देव की कप्तानी में ही भारत ने इस विश्व कप को अपने नाम किया था।
कपिल देव ने अपने टेस्ट करियर में 131 मैच खेले, जिसकी 227 पारियों में 31.05 की औसत के साथ 5,248 रन बनाने के अलावा 434 विकेट हासिल किए। वहीं, 225 वनडे मुकाबलों में 3,783 रन बनाने के साथ 253 विकेट निकाले। कपिल देव ने फर्स्ट क्लास करियर की 275 पारियों में 18 शतकों के साथ 11,356 रन बनाए, जबकि 310 लिस्ट ए मुकाबलों में 5,481 रन बनाने के साथ 335 विकेट निकाले। कपिल देव टेस्ट इतिहास में 5,000 रन और 400 विकेट का डबल पूरा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं।
क्रिकेट में उत्कृष्ट योगदान के लिए कपिल देव को साल 1979-80 में 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया, जिसके बाद साल 1982 में 'पद्मश्री पुरस्कार' से नवाजा गया। साल 1983 में उन्हें 'विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर', जबकि साल 1991 में 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। साल 2008 में कपिल देव भारतीय प्रादेशिक सेना द्वारा लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद से सम्मानित हुए, जबकि साल 2010 में 'आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम' और साल 2013 में 'सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से नवाजे गए।
--आईएएनएस
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