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कांवड़ यात्रा में भोजन की पारदर्शिता सुनिश्चित हो, उल्लंघन करने वालों पर हो कार्रवाई: करौली शंकर महादेव

हरिद्वार, 18 जुलाई (आईएएनएस)। नया उदासीन अखाड़े के महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और विघटनकारी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं और सख्ती से इसका पालन कराया जाना चाहिए।
 

हरिद्वार, 18 जुलाई (आईएएनएस)। नया उदासीन अखाड़े के महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और विघटनकारी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और विश्वास की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं और सख्ती से इसका पालन कराया जाना चाहिए।

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की सरकारों ने इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं। प्रत्येक व्यक्ति को यह जानने का अधिकार है कि वह क्या खा रहा है और किस प्रकार का भोजन उसे परोसा जा रहा है। यदि किसी प्रतिष्ठान पर एक प्रकार की पहचान प्रदर्शित की जाए और भीतर अलग प्रकार का भोजन तैयार किया जाए, तो इससे लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास को ठेस पहुंच सकती है। इसी कारण सरकार द्वारा भोजनालयों और दुकानों पर पहचान संबंधी बोर्ड लगाए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु अपनी इच्छा और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप निर्णय ले सकें।

करौली शंकर महादेव ने कहा कि ऐसे बोर्ड लगे रहना चाहिए और सरकार को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और सख्त दंड दिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल सरकार की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है, श्रद्धालुओं को भी जागरूक रहना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि भोजन करने से पहले पूरी जानकारी लें, देखें, समझें और उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें। यदि लोग स्वयं सतर्क रहेंगे तो अनावश्यक विवादों और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा। किसी व्यक्ति पर दोषारोपण करने के बजाय प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और भोजन ग्रहण करने से पहले उसकी जांच-परख स्वयं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सजगता ही ऐसी परिस्थितियों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

कांवड़ यात्रा के दौरान विघटनकारी तत्वों पर कार्रवाई की मांग करते हुए करौली शंकर महादेव ने कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों और मेलों में कुछ असामाजिक तत्व भी पहुंच जाते हैं, जो नशे या अन्य कारणों से श्रद्धालुओं के बीच अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। प्रशासन ऐसे मामलों में सतर्क है और लगातार बैठकें कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।

उन्होंने मांग की कि जो भी व्यक्ति नशाखोरी कर श्रद्धालुओं के बीच हंगामा करे या मेले का माहौल बिगाड़ने का प्रयास करे, उसके खिलाफ तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों को सख्त दंड मिलना चाहिए ताकि कांवड़ यात्रा और मेले का वातावरण शांतिपूर्ण बना रहे, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और धार्मिक आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

--आईएएनएस

पीएसके