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कन्नौज: डॉक्टर थे गैरहाजिर तो सफाईकर्मी ने कराई डिलीवरी, महिला की मौत पर पति ने मांगा इंसाफ

कन्नौज, 17 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की वजह से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। पीड़ित पति तेज प्रकाश कुशवाहा ने अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 लाख रुपये की सहायता राशि भी मांगी।
 
कन्नौज: डॉक्टर थे गैरहाजिर तो सफाईकर्मी ने कराई डिलीवरी, महिला की मौत पर पति ने मांगा इंसाफ

कन्नौज, 17 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की वजह से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। पीड़ित पति तेज प्रकाश कुशवाहा ने अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 लाख रुपये की सहायता राशि भी मांगी।

तेज प्रकाश कुशवाहा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वे अपनी गर्भवती पत्नी को कन्नौज स्थित विनोद दीक्षित अस्पताल लाए थे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर गैर हाजिर थे। इस वजह से सफाईकर्मियों ने ही उनकी पत्नी की डिलीवरी कर दी। डिलीवरी इतनी लापरवाही से की गई थी कि अत्यधिक खून बह गया। हालात जब काबू से बाहर हो गए, तो अस्पताल प्रशासन ने उनकी पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी डॉक्टरों का रवैया संवेदनहीन ही रहा। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां भी मरीज को उचित उपचार नहीं मिल पाया।

तेज प्रकाश के मुताबिक, सभी अस्पतालों के संवेदनहीन रवैये की वजह से उन्होंने फैसला किया कि वे अपनी पत्नी को कानपुर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर जाएंगे, जहां पर उन्हें मुमकिन है कि उचित उपचार मिल पाएगा, लेकिन पत्नी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सभी अस्पतालों की कोताही की वजह से बच्चे की भी हालत नाजुक हो गई, जिसके बाद उसे कानपुर स्थित चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसे करीब 10 दिनों तक एडमिट रखा गया। गनीमत है कि अब बच्चे की हालत ठीक है।

उन्होंने बताया कि अब वे इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वे आठ-दस बार जिला कार्यालय आ चुके हैं, लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा है। आज एसडीएम से मुलाकात हुई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि फाइल आगे भेज दी गई है। अब देखते हैं कि आगे क्या होता है।

तेज प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि वे कई बार इस मामले को लेकर सीएम कार्यालय भी जा चुके हैं, लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों का रवैया संवेदनहीन रहता है। कोई गुहार सुनने के लिए तैयार नहीं रहता है। हमारी मांग है कि सभी लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई हो।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी