कालिंदी पास समेत पांच उच्च हिमालयी क्षेत्रों से 67 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
उत्तरकाशी, 29 सितंबर (आईएएनएस)। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के बीच ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण अभियानों पर गए ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षित वापसी के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान डेढ़ दिन के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह महत्वपूर्ण अभियान संपन्न कराया।
अभियान के दौरान कालिंदी पास बेस, ऑडिन कोल बेस, सतोपंथ बेस तथा जोगिन-1 पास बेस सहित विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे सदस्यों को सुरक्षित निचले क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए लगातार रेस्क्यू कार्य संचालित किया गया। अभियान के पहले दिन जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं हर्षिल पहुंचकर रेस्क्यू कार्यों की निगरानी करते रहे। वहीं, सायंकाल स्मार्ट कंट्रोल रूम से अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी गई। दूसरे दिन भी जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम से रेस्क्यू ऑपरेशन की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र भी पूरे अभियान के दौरान हर्षिल में मौजूद रहीं।
जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से कुल 67 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें ऑडिन कोल पास से 29, जोगिन-1 क्षेत्र से 8, सतोपंथ क्षेत्र से 8, कालिंदी पास क्षेत्र से 19, तथा वासुकी ताल क्षेत्र से 3 आर्मी पोर्टर्स को सुरक्षित निकाला गया।
प्रशासन के अनुसार श्रीकंठ एक्सपीडिशन पर गए 18 सदस्यीय एसएसबी दल ने अपना अभियान जारी रखने की इच्छा जताई है। इसके अलावा सुदर्शन पीक के 12 सदस्य, भागीरथी-2 (आर्मी) के 20 सदस्य, भागीरथी-2 अभियान के 9 सदस्य तथा शिवलिंग अभियान के 7 और 5 सदस्यीय दल सुरक्षित रूप से स्वयं वापस लौट रहे हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि विषम मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सभी एजेंसियों ने समन्वय और तत्परता के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित यह रेस्क्यू अभियान सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
--आईएएनएस
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