कैलाश विजयवर्गीय के बयान को संज्ञान में लें राष्ट्रपति और राज्यपाल : जीतू पटवारी
भोपाल, 29 जून (आईएएनएस) मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कर्मचारियों को लेकर एक बयान दिया, जिस पर बवाल मचा हुआ है और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तो इस बयान पर राष्ट्रपति और राज्यपाल से संज्ञान लेने का आग्रह किया है । दरअसल बीते दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा के सत्ता में आने पर अधिकारी और कर्मचारी द्वारा खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा होने का हवाला दिया जाने लगता है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का सार्वजनिक बयान अत्यंत गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा कर रहा है। उनके अनुसार सरकार बनने के बाद अधिकारी स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताने लगे हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवालिया अंदाज में कहा है कि यदि प्रशासनिक तंत्र में इस प्रकार की पहचान का चलन बढ़ा है, तो यह केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता, तटस्थता और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा गहरा और गंभीर विषय है।
भारतीय संविधान का हवाला देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि भारत का संविधान यह अपेक्षा करता है कि शासन का प्रत्येक अधिकारी संविधान के प्रति निष्ठावान हो, किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के प्रति नहीं इसलिए, इस कथन की संवैधानिक समीक्षा आवश्यक है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने राज्य के राज्यपाल और राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि इस बयान का संज्ञान लें और मप्र सरकार से तुरंत पूछें कि क्या कैलाश विजयवर्गीय के कथन से मध्य प्रदेश सरकार भी सहमत है?क्या प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान किसी वैचारिक संगठन से जुड़ी होनी चाहिए? क्या मुख्यमंत्री इस बयान से स्वयं को अलग मानते हैं या इसका समर्थन करते हैं।
--आईएएनएस
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