जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक केस में बिहार से एजेंट मनु कुमार गिरफ्तार, दो अन्य आरोपियों को रिमांड पर लिया
रांची, 24 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही झारखंड सीआईडी (सीआईडी) की विशेष जांच टीम ने बिहार के सारण जिले से अंतरराज्यीय एजेंट को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही पूर्व में जेल भेजे जा चुके दो अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए न्यायिक अभिरक्षा से रिमांड पर लिया गया है। सीआईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वह बिहार के सारण (छपरा) जिले के अवतार नगर थाना अंतर्गत देवरिया गांव का रहने वाला है।
सीआईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि मनु कुमार सिंह ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के कई अभ्यर्थियों को अवैध रूप से अनुचित लाभ पहुंचाया था, जिसके दम पर कई अभ्यर्थी परीक्षा में सफल भी हुए थे। इसके साथ ही, सीआईडी ने जेल में बंद दो अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। इनमें पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी कुन्दन कुमार और गिरिडीह जिले के बेंगाबाद निवासी समीर कुमार शामिल हैं। सीआईडी की टीम अब रिमांड पर लिए गए आरोपियों और मनु कुमार सिंह से पूछताछ कर गिरोह के बाकी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
गौरतलब है कि बहुचर्चित जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की एसआईटी अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी ने पूरी कार्रवाई को दो मुख्य चरणों में अंजाम दिया है। शुरुआती चरण में 16 लोगों को दबोचा गया था, जिनमें ज्यादातर पुलिस विभाग से जुड़े लोग और सिपाही शामिल थे, जो अभ्यर्थियों से सेटिंग कर पैसे वसूलने का काम कर रहे थे।
वहीं, जांच आगे बढ़ने पर सीआईडी ने मुख्य सरगनाओं, अंतरराज्यीय एजेंटों, परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कर्मियों और धांधली के सहारे पास होने वाले फर्जी अभ्यर्थियों समेत 17 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में यह भी सामने आ चुका है कि इस पूरे घोटाले का मुख्य सरगना गोड्डा का ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी था, जो फिलहाल जेल में बंद है। इस गिरोह के तार झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैले हुए थे, जहां अभ्यर्थियों को सीक्रेट लोकेशनों पर ले जाकर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे।
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नामों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
--आईएएनएस
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