जेकेएसए ने विदेश मंत्री से बांग्लादेश में मृत पाए गए कश्मीरी छात्र का शव जल्द भारत लाने की मांग की
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने बुधवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर बांग्लादेश में मृत पाए गए कश्मीरी एमबीबीएस छात्र अदनान अल्ताफ राथर के पार्थिव शरीर को जल्द वापस लाने की मांग की है।
एसोसिएशन ने बताया कि बारामूला जिले के सोपोर (बुनपोरा, डांगरपोरा) निवासी अदनान अहमद राथर बांग्लादेश के कुमिला स्थित ईस्टर्न मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। 2 नवंबर की देर रात 11:36 बजे अदनान भारतीय खाना परोसने वाले एक रेस्तरां में जाने के लिए कॉलेज परिसर से निकले थे, जिसके बाद से वे लापता हो गए। जब उनका पता नहीं चला, तो बुरिचंग पुलिस स्टेशन में एक 'जनरल डायरी' दर्ज कराई गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उनकी तलाश शुरू की।
दो दिनों की खोजबीन के बाद 4 नवंबर की सुबह अदनान का पार्थिव शरीर कॉलेज से 500 गज दूर कुमिला के बुरिचंग उपजिला में ढाका-चटगांव राजमार्ग के पास स्थित एक जलाशय से मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए कुमिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और बांग्लादेशी अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि अदनान की मां निहत इस समय बांग्लादेश में हैं। वे अपने परिवार और अपनों के बिना घर से दूर इस गहरे सदमे और नुकसान का सामना कर रही हैं। एसोसिएशन ने यह मामला विदेश मंत्री के समक्ष उठाया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और संबंधित बांग्लादेशी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, क्लीयरेंस, एम्बामिंग सर्टिफिकेट और शव लाने की अनुमति जैसी सभी जरूरी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि अदनान के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर वापस लाया जा सके।
एसोसिएशन ने मंत्रालय से यह भी अनुरोध किया है कि वे शोक संतप्त मां को तत्काल लॉजिस्टिक, प्रशासनिक और मानवीय सहायता उपलब्ध कराएं। साथ ही, भारतीय उच्चायोग में एक जिम्मेदार अधिकारी को नियुक्त करें जो परिवार के सीधे संपर्क में रहे, ताकि अदनान के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया जा सके।
खुएहामी ने विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से आग्रह किया कि वे इस मामले को सर्वोच्च मानवीय प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शोक में डूबी मां को हर जरूरी मदद मिले, ताकि परिवार अपने बेटे को घर वापस ला सके और सम्मान के साथ उसे अंतिम विदाई दे सके।
एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय से त्वरित प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई और विदेशों में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद करने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों की सराहना की। एसोसिएशन ने दोहराया कि वह शोक संतप्त परिवार के साथ लगातार संपर्क में है।
--आईएएनएस
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