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जिन्ना को पाठ्यक्रम से हटाने पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, इतिहास में नायक के साथ खलनायक को जानना भी जरूरी

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू विश्वविद्यालय समिति द्वारा पाठ्यक्रम से जिन्ना को हटाने की सिफारिश पर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि अगर इतिहास में नायक होते हैं, तो खलनायक भी होते हैं। ऐसी स्थिति में अगर समाज को नायक के बारे में जानना है, तो निसंहेद खलनायक के बारे में भी पता होना चाहिए।
 
जिन्ना को पाठ्यक्रम से हटाने पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, इतिहास में नायक के साथ खलनायक को जानना भी जरूरी

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू विश्वविद्यालय समिति द्वारा पाठ्यक्रम से जिन्ना को हटाने की सिफारिश पर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि अगर इतिहास में नायक होते हैं, तो खलनायक भी होते हैं। ऐसी स्थिति में अगर समाज को नायक के बारे में जानना है, तो निसंहेद खलनायक के बारे में भी पता होना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र करके उन्हें देश के विभाजन का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले अगर किसी ने देश की आजादी के बाद विभाजन का मुद्दा उठाया था, तो वो मोहम्मद अली जिन्ना थे। उन्होंने ही सबसे पहले ईस्ट और वेस्ट पाकिस्तान की मांग उठाई थी।

उन्होंने कहा कि अगर हम पाठ्यक्रम से मोहम्मद अली जिन्ना को हटा देंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी को उनके बारे में कैसे पता चल पाएगा। हमारी आने वाली पीढ़ी को यह कैसे पता चल पाएगा कि पाकिस्तान में कैसे आया? आखिर इस सीमा रेखा का निर्धारण कैसे हुआ है? आज आखिर पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते कैसे बने हुए हैं? अगर हम इन मुद्दों को पाठ्यक्रम से बाहर कर देंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को इस बारे में कैसे पता चल पाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर हम मोहम्मद अली जिन्ना के विषय को अपने पाठ्यक्रम से बाहर कर देंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ियां भी सोचेगी कि आखिर हम पाकिस्तान से क्यों युद्ध लड़ रहे हैं? आखिर इसके पीछे की ठोस वजह क्या है?

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हमारे लिए यह हीरो और विलेन दोनों की भूमिकाओं के बारे में जानना जरूरी हो जाता है। अगर हम भगवान राम के बारे में जान रहे हैं, तो जाहिर-सी बात है कि हम रावण के बारे में भी जानना होगा।

--आईएएनएस

वीसी