Aapka Rajasthan

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, असम के बाढ़ प्रभावितों के लिए तीन करोड़ की मदद मंजूर

रांची, 6 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को शोक प्रस्ताव के साथ हुई। सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों, शहीद जवानों और अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
 

रांची, 6 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को शोक प्रस्ताव के साथ हुई। सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों, शहीद जवानों और अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

सदन में पूर्व परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री और गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व पशुपालन मंत्री एवं धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मलिक, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व खनन मंत्री लक्ष्मण राम तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय को श्रद्धांजलि दी गई।

इसके अलावा डॉ डीवाई पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार एचके दुआ, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा, क्रिकेटर गोपीनाथ, खोरठा साहित्यकार सुरेश विश्वकर्मा तथा झारखंड आंदोलनकारी कृष्ण कुमार महतो और दामू बांड्रा को भी याद किया गया।

सदन ने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उधमपुर सड़क हादसे, लखनऊ की आग की घटना, असम बाढ़ और नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को भी याद किया गया।

कार्यवाही के दौरान असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए झारखंड सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने का भी उल्लेख किया गया। शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मांडू के विधायक निर्मल कुमार ने अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमलों, वज्रपात और खदान धंसने की घटनाओं में हुई मौतों का मुद्दा उठाया।

उन्होंने सरकार से इन घटनाओं के पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की मांग की। शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही के दौरान कुछ देर हल्का राजनीतिक रंग भी देखने को मिला। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल समेत कई विपक्षी सदस्य मास्क पहनकर सदन पहुंचे। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से चुटकी ली गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विपक्ष पर हल्का कटाक्ष करते हुए टिप्पणी की। हालांकि उनकी पूरी बात स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे सकी।

--आईएएनएस

एसएनसी/एसके