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झारखंड: सोशल मीडिया पर लाइक्स के लिए जीवों का करता था शिकार, युवक पर दर्ज हुआ एफआईआर

खूंटी, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने की होड़ किस हद तक खतरनाक हो सकती है, इसका एक सनसनीखेज मामला झारखंड के खूंटी जिले से सामने आया है।
 
झारखंड: सोशल मीडिया पर लाइक्स के लिए जीवों का करता था शिकार, युवक पर दर्ज हुआ एफआईआर

खूंटी, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने की होड़ किस हद तक खतरनाक हो सकती है, इसका एक सनसनीखेज मामला झारखंड के खूंटी जिले से सामने आया है।

यहां एक युवक जंगल के बेजुबान जीवों का शिकार करता, उन्हें मारता और फिर उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। जब ये वीडियो वायरल हुए, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। बेजुबान जीवों और जानवरों के हक में काम करने वाली संस्था ‘पेटा इंडिया’ की शिकायत पर विन विभाग ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगातार ऐसे वीडियो डाले जा रहे थे, जिनमें एक युवक रसेल वाइपर (एक बेहद जहरीला सांप), भारतीय अजगर और कई संरक्षित पक्षियों को पकड़ते,, उन्हें मारते और फिर उनका मांस पकाकर खाते हुए दिखाई दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘पेटा इंडिया’ ने खूंटी पुलिस और वन विभाग को शिकायत दी।

इसके बाद जांच शुरू हुई और आरोपी की पहचान लुतार पूर्ति के रूप में की गई। वन विभाग ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विभाग ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बताया जा रहा है कि जिन जानवरों का शिकार किया गया, उनमें कई ऐसे थे जो कानून के तहत संरक्षित हैं और जिनका शिकार करना गंभीर अपराध है। इस बीच, आरोपी लुतार पूर्ति के परिजनों ने इस संबंध में वन विभाग को दिए आवेदन में कहा है कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सांप और अन्य जीवों का मांस खाने की वजह से वह गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गया है।

परिजनों ने उसकी ओर से माफी मांगते हुए उसके इलाज के लिए मोहलत देने की गुहार लगाई। फिलहाल युवक के परिजनों से बांड लेकर उसे हिरासत से मुक्त कर दिया गया है। परिजनों ने आश्वस्त किया है कि जांच के दौरान जब भी उसे समन किया जाएगा, वे उसे हाजिर कराएंगे।

पेटा इंडिया की प्रतिनिधि सलोनी सकारिया ने कहा कि किसी भी जीव की हत्या को ‘मनोरंजन’ समझना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक संकेत हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी