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झारखंडः एसआईआर को लेकर 14 जुलाई को सभी बूथों पर लगेगी 'चुनाव पाठशाला'

रांची, 10 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 14 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 'चुनाव पाठशाला' आयोजित की जाएगी। इसमें बीएलओ मतदाता सूची के एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और एक से अधिक स्थान पर वोटर लिस्ट में नामांकित) मतदाताओं की सूची को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाएंगे, ताकि मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी बन सके।
 

रांची, 10 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 14 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 'चुनाव पाठशाला' आयोजित की जाएगी। इसमें बीएलओ मतदाता सूची के एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और एक से अधिक स्थान पर वोटर लिस्ट में नामांकित) मतदाताओं की सूची को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाएंगे, ताकि मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी बन सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के रवि कुमार ने शुक्रवार को सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ), उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और बीएलओ सुपरवाइजर शामिल हुए। सीईओ ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में मतदाता फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां विशेष शिविर लगाकर अभियान में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को चुनाव पाठशाला के साथ-साथ सभी जिलों में बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक भी आयोजित की जाएगी। के रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों तथा आम मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को दिए जा रहे एन्यूमरेशन फॉर्म सही तरीके से भरकर जल्द बीएलओ को वापस करने चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एन्यूमरेशन फॉर्म केवल पात्र भारतीय नागरिकों द्वारा ही भरा जाना है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी विदेशी नागरिक द्वारा गलत जानकारी देकर या अवैध रूप से फॉर्म भरना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) प्राथमिकी दर्ज करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मतदाता को फॉर्म भरने में किसी प्रकार की दिक्कत या संशय हो तो वह अपने बीएलओ, स्वयंसेवकों या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी एआई आधारित वीडियो ट्यूटोरियल की सहायता ले सकता है। उन्होंने अधिकारियों को मतदाताओं का वर्तमान विवरण सही तरीके से दर्ज कराने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम