झारखंडः सरकारी खजाने से 116 करोड़ के गबन मामले में सीआईडी ने मास्टरमाइंड समेत तीन के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
रांची, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के बहुचर्चित 'जेटीडीसीएल-ऊर्जा घोटाले' में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस महाघोटाले के मास्टरमाइंड अराध्य सेनगुप्ता उर्फ अर्नव गांगुली समेत तीन आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
करीब 116 करोड़ रुपए से अधिक की इस हेराफेरी में सीआईडी ने अब तक की जांच में पाया है कि इन तीनों आरोपियों ने 9 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम का गबन किया। सीआईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीके से सरकारी खजाने में सेंध लगाई।
इन्होंने झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेटीडीसीएल) और ऊर्जा उत्पादन निगम जैसे संस्थानों को निशाना बनाया। घोटाले को अंजाम देने के लिए फर्जी लेटरहेड, जाली हस्ताक्षर और नकली आदेशों का सहारा लिया गया। आरोपियों ने बैंकों में सरकारी खातों से मिलते-जुलते नाम वाले 'फर्जी खाते' खुलवाए और सरकारी फंड को उनमें ट्रांसफर कर लिया।
इस गिरोह ने फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर भी बड़ा खेल किया। विभिन्न बैंकों से कोटेशन मंगाए गए और कागजों में हेरफेर कर अधिक ब्याज दर दिखाई गई, ताकि चयन की प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। एक बार बैंक फाइनल होने के बाद असली खातों के बजाय रकम को उन फर्जी खातों में डाल दिया गया, जो पहले से जालसाजों के नियंत्रण में थे।
सीआईडी ने इस मामले में दर्ज कांड संख्या 42/2024 में चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि मास्टरमाइंड अराध्य सेनगुप्ता बीते 12 जनवरी से जेल में है। फिलहाल, दो अन्य आरोपी समीर कुमार और अरुण कुमार पांडेय जमानत पर हैं। इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं, जिसमें पर्यटन विभाग और बैंक से जुड़े कई अधिकारियों व बिचौलियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
सीआईडी ने संकेत दिए हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
--आईएएनएस
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