झारखंडः सरकार से वार्ता के लिए छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल घोषित किया, दो पत्रकार और एक अधिवक्ता भी शामिल
रांची, 6 अगस्त (आईएएनएस)। जेपीएससी, जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता को लेकर आंदोलनकारियों ने गुरुवार को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की घोषणा कर दी।
प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया है। हालांकि, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वार्ता के दौरान सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें और पक्ष रखेंगे। छात्र प्रतिनिधियों में रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल में पत्रकार शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा के साथ अधिवक्ता अजीत कुमार को भी रखा गया है। आंदोलनकारियों के अनुसार, पत्रकार और अधिवक्ता प्रतिनिधिमंडल के साथ केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान किसी भी मांग, तथ्य या मुद्दे को केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के समक्ष रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता वार्ता के दौरान अपनी ओर से कोई बयान या पक्ष प्रस्तुत नहीं करेंगे।
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल पत्रकार बैठक स्थल के भीतर माइक, कैमरा, रिकॉर्डिंग डिवाइस या अन्य किसी प्रसारण उपकरण के साथ प्रवेश नहीं करेंगे। उनका कहना है कि वार्ता को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बता दें कि जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र पिछले 13 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने के बाद पहली बार आंदोलनकारियों ने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल घोषित किया है। अब सरकार और छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता के परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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