झारखंडः परिसीमन के मुद्दे पर बोले अमर बाउरी- 2008 में यूपीए सरकार के फैसले के लिए माफी मांगें राहुल गांधी
रांची, 1 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में परिसीमन को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि मौजूदा विवाद के लिए कांग्रेस की पिछली नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से 2008 में परिसीमन को लेकर किए गए फैसले के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
रांची में मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में बाउरी ने कहा कि 2008 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का प्रस्ताव रखा था। इससे झारखंड में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या 28 से घटकर 22 होने की स्थिति बन रही थी।
उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा ने राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर संविधान के 84वें संशोधन का समर्थन किया था, ताकि जनजातीय समुदाय के हित प्रभावित न हों। कांग्रेस आज झारखंड में आदिवासी सीटों की संख्या घटने की आशंका को लेकर लोगों को भ्रमित कर रही है।
बाउरी ने कहा कि कांग्रेस को पहले 2008 के अपने फैसले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि उसे लगता है कि उस समय गलती हुई थी तो जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि अभी परिसीमन आयोग का गठन तक नहीं हुआ है और न ही केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव सामने आया है। इसके बावजूद कांग्रेस और झामुमो इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल बिना किसी ठोस आधार के लोगों के बीच यह संदेश दे रहे हैं कि झारखंड में आदिवासी सीटें कम हो जाएंगी। बाउरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस कथित प्रस्ताव का भी हवाला दिया, जिसमें मौजूदा सीटों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि यदि झारखंड में विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 होती हैं तो एसटी सीटें भी 28 से बढ़कर 42 और अनुसूचित जाति (एससी) सीटें नौ से बढ़कर 14 हो सकती हैं।
उन्होंने कांग्रेस और झामुमो से सवाल किया कि वे इस 50 प्रतिशत सीट बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सीटों की कुल संख्या बढ़ती है तो आरक्षित सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी और इससे परिसीमन को लेकर मौजूदा आशंकाएं काफी हद तक दूर हो सकती हैं।
बाउरी ने कांग्रेस पर जनजातीय हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने झारखंड गठन से लेकर जनजातीय समाज के सम्मान और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कई फैसले लिए हैं।
उन्होंने कहा कि 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य का गठन हुआ और केंद्र की भाजपा सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने को भी जनजातीय समाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
--आईएएनएस
एसएनसी/डीकेपी
