झारखंड में एसआईआर से पहले सीईसी ज्ञानेश कुमार ने की तैयारियों की समीक्षा
दुमका, 5 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने जहां एक ओर देवघर और दुमका में मतदाता सूची के मैपिंग से जुड़े कार्य की गहन समीक्षा की, वहीं दूसरी ओर आध्यात्मिक आस्था के केंद्रों में दर्शन-पूजन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
उनका यह दौरा प्रशासनिक सक्रियता, तकनीकी तैयारी और जमीनी स्तर पर चुनावी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बेहद अहम माना जा रहा है।
सोमवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त सपरिवार दुमका स्थित बासुकीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा फौजदारी नाथ के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उन्होंने देश की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए बाबा से प्रार्थना की है। उन्होंने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा के बाद बासुकीनाथ धाम में हाजिरी लगाने से ही पूजा पूर्ण मानी जाती है और उन्होंने इस परंपरा का विधिवत पालन किया।
आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा पूरी तरह मिशन चुनावी मोड में भी रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड में प्रस्तावित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की तैयारियों की समीक्षा करना उनके दौरे का प्रमुख उद्देश्य है।
सीईसी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) होते हैं, इसलिए उनसे सीधा संवाद स्थापित कर जमीनी स्तर पर मतदाता सूची, बुनियादी ढांचे और प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने सोमवार सुबह 10:30 बजे देवघर के तपोवन पहाड़ का निरीक्षण और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। सुबह 11 बजे मोहनानंद प्लस-2 उच्च विद्यालय में बीएलओ के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसके बाद दोपहर 12 बजे तपोवन में ही मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता कर एसआईआर को लेकर जानकारी साझा की।
इससे पहले, रविवार को देवघर पहुंचने पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और पुलिस अधीक्षक ने मुख्य चुनाव आयुक्त का भव्य स्वागत किया गया। रविवार को उन्होंने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ-साथ नौलखा मंदिर और एम्स देवघर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीईसी ने मतदाता सुविधाओं को सुदृढ़ करने, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए सहूलियतें बढ़ाने तथा चुनावी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
--आईएएनएस
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