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झारखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर; जमशेदपुर-पलामू में बाढ़ का खतरा, कई जगह मुहल्लों में घुसा पानी

रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि पलामू में कोयल नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मेदिनीनगर के निचले इलाकों में नदी का पानी घुसने से 200 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। रामगढ़ में भी दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।
 

रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि पलामू में कोयल नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मेदिनीनगर के निचले इलाकों में नदी का पानी घुसने से 200 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। रामगढ़ में भी दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।

जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। लगातार बारिश के कारण गालूडीह बैराज, चांडिल डैम और गांजिया बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। गालूडीह बैराज के आठ गेट और गांजिया बैराज के सभी 13 गेट खोल दिए गए हैं। चांडिल डैम के भी नौ गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन के अनुसार चांडिल डैम, गांजिया बैराज और गालूडीह बैराज का जलस्तर बढ़ने के कारण गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

इसके बावजूद लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। पलामू में लगातार बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मूसलाधार बारिश और गुमला, लातेहार तथा लोहरदगा की ओर से आ रहे पानी के कारण कोयल नदी उफान पर है। मेदिनीनगर के कांदू मोहल्ला, गिरवर स्कूल रोड, शिवाला घाट, मुस्लिम नगर, पहाड़ी मोहल्ला और गम्हाल रोड जैसे निचले इलाकों में नदी का पानी घुस गया है। कई घरों में घुटनों तक पानी जमा है। शहर का कोयल रिवर फ्रंट भी पानी में डूब गया है। नदी में चल रहे पुल निर्माण का काम प्रभावित हुआ है और निर्माण में इस्तेमाल कुछ मशीनों के तेज बहाव में बह जाने की सूचना है।

जलजमाव के कारण कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पलामू टाइगर रिजर्व के निकट केचकी संगम में भी बाढ़ का असर दिखा है। यहां इको रिट्रीट और रेस्ट हाउस के डूबने के बाद पर्यटकों की बुकिंग रद्द करनी पड़ी है। प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए माइकिंग कर लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी है। संवेदनशील इलाकों में गोताखोरों और सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया है। रामगढ़ में भी लगातार बारिश से दामोदर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने लोगों से नदी, पुल-पुलिया और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की अपील की है। इधर, राजधानी रांची समेत कई जिलों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। चान्हो के सिलागाई में लगातार बारिश के बीच शहीद वीर बुधु भगत की प्रतिमा गिर गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के कारण प्रतिमा के आसपास की जमीन कमजोर हो गई थी।

मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश हुई। लातेहार के बरवाडीह में 318 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस दौरान राज्य में सर्वाधिक रही। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम