झारखंड में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, अवैध खनन को सत्ता का संरक्षण : बाबूलाल मरांडी
चाईबासा, 14 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था, अवैध खनन और विकास कार्यों में कथित गड़बड़ियों को लेकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मेघाहातुबुरू स्थित सेल गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मरांडी ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के बजाय अवैध कोयला और बालू कारोबार से जुड़े मामलों में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में अवैध बालू खनन खुलेआम हो रहा है और इससे होने वाली कमाई का लाभ सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों तक पहुंच रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य के शिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल स्थिति में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने में पूरी तरह नाकाम रही है। मरांडी ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमएफटी राशि के उपयोग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मरांडी को आदिवासी हो समाज युवा महासभा की केंद्रीय समिति ने राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी ने अपनी मांगों को लेकर एक स्मरण पत्र भी सौंपा। इसमें केंद्र सरकार से हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की गई। महासभा के प्रतिनिधियों का कहना था कि इन दोनों मुद्दों को कई बार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, जे.बी. तुबिद समेत भाजपा के कई नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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