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झारखंड में भर्ती सुधार यात्रा का दूसरा दिन, हजारीबाग पहुंचा देवेंद्र महतो का जत्था, सरकार को दी चेतावनी

हजारीबाग, 25 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में 'जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच' की भर्ती सुधार यात्रा का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। छात्रों ने इस यात्रा का स्वागत करते हुए पारदर्शी तरीके से परीक्षा के आयोजन और परिणाम की मांग की। इसके साथ ही झारखंड सरकार को आंदोलनकारियों को डराने-धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी।
 

हजारीबाग, 25 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में 'जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच' की भर्ती सुधार यात्रा का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। छात्रों ने इस यात्रा का स्वागत करते हुए पारदर्शी तरीके से परीक्षा के आयोजन और परिणाम की मांग की। इसके साथ ही झारखंड सरकार को आंदोलनकारियों को डराने-धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "सुधार यात्रा के दूसरे दिन रामगढ़ और जत्था जिला के बाद हजारीबाग में प्रवेश किए। गांधी मैदान से अभी अलग-अलग जगह पर इस यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा। यह हमारे लिए सिर्फ यात्रा नहीं, एक संकल्प है। हमलोग इस यात्रा के माध्यम से, जो 26 सालों से जेपीएससी-जेएसएससी के अभ्यर्थी त्रस्त हैं, उनके सपनों को जो बेचा जा रहा है, भर्ती व्यवस्था में जो विरोध है, और भ्रष्टाचार है, उसके विरोध में लगातार संघर्ष करते हुए हजारीबाग पहुंचे हैं।"

उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत 2 जुलाई से, आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से, सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई और भूखहड़ताल 2 अगस्त से हुई। इस बीच आपने विधानसभा का घेराव, तिरंगा यात्रा या संविधान यात्रा देखा और सरकार का भी फैसला आया।

छात्र नेता महतो ने कहा कि यह सिर्फ अभ्यर्थियों की लड़ाई नहीं है, यह संपूर्ण झारखंड के 24 जिलों के प्रत्येक उस घर की लड़ाई है, जिस घर की मां अपने जरूरत की चीजों में कटौती करके अपने बच्चों की नौकरी के लिए पैसा भेजती है। यह उन किसान पिता की लड़ाई है, जो अपने खेत में पसीना बहाकर अपने बच्चों की फीस भरते हैं। यह आवाज उन प्रवासी मजदूरों की है, जो पलायन करके दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं, वहां शोषण, अत्याचार और जुल्म झेल रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वो ये सोच रहे हैं कि मेरा बेटा और बेटी पढ़ेंगे और अपने ही राज्य में रोजगार लेंगे, और उसे मेरी तरह रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। ये तमाम झारखंडियों की आवाज है। आज हम हजारीबाग की धरती से कहते हैं कि चाहे जेसीसीजीएल की बात हो या 11वीं-17वीं जेपीएससी की, जितनी परीक्षाओं में धांधली हुई है, वो रद्द हो। चाहे ये गड़बड़ी करने वाले कितने भी बड़े आईएएस-आईपीएस और ब्यूरोक्रेट्स हों या कोई मंत्री हो, वो बचने नहीं चाहिए। अगर सीआईडी जांच के माध्यम से बचाया जाएगा तो इसकी सीबीआई जांच करानी होगी और जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी वर्ग को क्षमा नहीं मिलेगा।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी