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झारखंड में 942 चिकित्सा पदाधिकारियों और मेडिकल शिक्षकों की बहाली शुरू

रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है।
 
झारखंड में 942 चिकित्सा पदाधिकारियों और मेडिकल शिक्षकों की बहाली शुरू

रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कुल 942 पदों पर नियुक्ति की पहल की गई है। इनमें से 276 पदों के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को अधियाचना भेजी जा चुकी है, जबकि शेष 666 पदों के लिए कार्मिक विभाग को अधियाचना भेजने का अनुरोध किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 180 सहायक प्राध्यापक पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। इनमें 155 पद नियमित और 25 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। ये नियुक्तियां मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थीसिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग और शिशु रोग सहित 24 विभागों में की जानी हैं। नियुक्ति प्रक्रिया झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली 2018 (संशोधित 2021) तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप होगी।

इसके अतिरिक्त, राज्य के धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका स्थित मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 96 विशेषज्ञ फैकल्टी की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इनमें न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं।

वहीं, जिला और अनुमंडल अस्पतालों में 666 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है, जिनमें 506 पद नियमित और 160 पद बैकलॉग के हैं। इस संबंध में कार्मिक विभाग को अधियाचना भेजने की प्रक्रिया जारी है। इन में 226 पद फिजिशियन और 224 पद शिशु रोग विशेषज्ञों के संख्या अधिक है।

इसके अलावा एनेस्थेटिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों के पद भी शामिल हैं। विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अलग से जारी है। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी