झारखंड में 1.61 करोड़ मतदाताओं की पैतृक मैपिंग पूरी, 12 लाख ‘एएसडी’ श्रेणी के वोटर चिह्नित
रांची, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। झारखंड में एसआईआर की पहली मतदाता सूची की पैतृक मैपिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने मंगलवार को बताया कि वर्तमान मतदाता सूची के कुल 1,61,55,740 मतदाताओं की पिछले एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की सूची से सफलतापूर्वक मैपिंग कर ली गई है।
अब तक की प्रक्रिया में करीब 12 लाख ऐसे लोगों के नाम चिन्हित किए गए हैं, जो एब्सेंट, शिफ्टेड, या डेथ (एएसडी) की श्रेणी में आते हैं। सीईओ ने मंगलवार को उन विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जहां पैतृक मैपिंग की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह कार्य चुनाव आयोग की प्राथमिकता में है और इसे निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं की पिछले एसआईआर वाली सूची से मैपिंग में कठिनाई हो रही है, उनके लिए संबंधित राज्यों की सीईओ वेबसाइट या भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के पोर्टल का उपयोग कर डेटा का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। अन्य राज्यों से आए मतदाता पैतृक जानकारी के लिए वोटर्स डॉट इसीआई डॉट जीओवी डॉट इन और झारखंड के मतदाता सीईओ डॉट झारखंड डॉट जीओवी डॉट इन का उपयोग कर सकते हैं।
सीईओ ने स्पष्ट कहा कि जिन बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का प्रदर्शन कम है, उन्हें बैचवार प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बीएलओ अपने जिले के हेल्प डेस्क मैनेजर से तकनीकी सहायता लेते रहें, ताकि मैपिंग में किसी प्रकार की देरी न हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बीएलओ के फील्ड में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
रवि कुमार ने कहा कि मैपिंग के दौरान एएसडी सूची का मिलान अनिवार्य है। अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के दौरान दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा सुगम बनेगी। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, और सभी जिलों के ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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