Aapka Rajasthan

झारखंड में बिजली दर बढ़ोतरी पर प्रतुल देवशाह ने उठाए सवाल, कहा- फैसला जनता पर बोझ डालने जैसा

रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'शर्मनाक' फैसला बताया।
 
झारखंड में बिजली दर बढ़ोतरी पर प्रतुल देवशाह ने उठाए सवाल, कहा- फैसला जनता पर बोझ डालने जैसा

रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'शर्मनाक' फैसला बताया।

उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई चरम पर है और ऐसे में बिजली की कीमत बढ़ाना आम जनता पर सीधा बोझ डालने जैसा है।

प्रतुल शाहदेव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि खासतौर पर ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर ज्यादा पड़ेगा, जिससे उनके जीवनयापन की लागत बढ़ेगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने कार्यकाल के पहले दिन ही कहा था कि कोई भी फैसला जनता के खिलाफ नहीं होगा, लेकिन यह निर्णय साफ तौर पर जनविरोधी है।

दरअसल, झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) ने बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। नई दरों के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.85 रुपए से बढ़कर 7.4 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 6.7 रुपए से बढ़कर 7.2 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी। हालांकि, सरकार ने राहत देते हुए कहा कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता और कृषि उपभोक्ता इस बढ़ोतरी से प्रभावित नहीं होंगे।

वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब ममता बनर्जी को रामनवमी और जुलूसों की याद इसलिए आ रही है क्योंकि उन्हें अहसास हो गया है कि बहुसंख्यक हिंदू समाज उनकी तुष्टिकरण की राजनीति से नाराज है।

प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि इस बार ममता बनर्जी का कार्यकाल खत्म होने वाला है और राज्य में बदलाव तय है।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीकेपी