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झारखंडः कोडरमा में हाथियों के हमले में दो की मौत, सरायकेला में भी गजराज मचा रहे उत्पात

कोडरमा/सरायकेला, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के विभिन्न जिलों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोडरमा जिले में हाथियों के हमले में एक मजदूर और एक किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले में भी हाथी ने एक स्कूल और फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
 
झारखंडः कोडरमा में हाथियों के हमले में दो की मौत, सरायकेला में भी गजराज मचा रहे उत्पात

कोडरमा/सरायकेला, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के विभिन्न जिलों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोडरमा जिले में हाथियों के हमले में एक मजदूर और एक किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले में भी हाथी ने एक स्कूल और फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र स्थित कंझियाडीह गांव में मंगलवार रात हाथियों के झुंड ने ईंट भट्ठे पर धावा बोल दिया। इस दौरान झोपड़ीनुमा मकानों को तोड़ दिया गया और अफरा-तफरी मच गई। घटना में बिहार के फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश की मौत हो गई।

इसके अलावा हाथियों के हमले में राजकुमार मांझी की पत्नी गौरी देवी, लवकुश की मां कारी देवी और एक डेढ़ वर्षीय बच्चा बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। स्थानीय लोगों में घटना के बाद वन विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद उन्हें खदेड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे पहले 19 अप्रैल को भी कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड में हाथियों के हमले में एक युवक की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने गया-देवघर मुख्य मार्ग जाम कर दिया था और मुआवजे व सुरक्षा की मांग की थी।

उधर, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत रूसुनिया पंचायत के तिरुलडीह गांव में मंगलवार रात एक हाथी ने उत्पात मचाया। हाथी ने नव प्राथमिक विद्यालय में रखे करीब डेढ़ क्विंटल मिड-डे मील का चावल खा लिया और बाना गांव में किसानों के केले और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा खीरा की खेती भी रौंद दी गई।

स्थानीय किसानों के अनुसार, चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है और शाम होते ही गांवों में घुसकर घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाता है। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग रात में जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी