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झारखंड : जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल की परीक्षाएं रद्द, भाजपा बोली- सीबीआई जांच के बिना सच नहीं आएगा सामने

रांची, 18 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है।
 

रांची, 18 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प, एकता और संघर्ष के दम पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।

मरांडी ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा का रद्द होना छात्रों की बड़ी जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो मुख्यमंत्री पहले छात्रों के आरोपों को खारिज कर रहे थे, अब वही उनकी मांग मानने को मजबूर हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाने से उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। मरांडी ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल में कथित नौकरी बिक्री के आरोपों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मित्र विनोद सिंह, जेएसएससी के तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा, सुधीर गुप्ता, प्रशांत और मुख्यमंत्री आवास की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जेपीएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और उसमें मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा गिरिडीह के झामुमो जिला अध्यक्ष की कथित भूमिका की भी जांच कराई जाए।

मरांडी ने कहा, "परीक्षा रद्द होना केवल पहला चरण है। सीबीआई जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई ही छात्रों के संघर्ष की वास्तविक जीत होगी।"

इसी मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र 23 दिनों से आंदोलन और आमरण अनशन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनकी नौकरियों को बेचने का काम किया गया।

साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग थी कि पिछले छह वर्षों में टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के दबाव के कारण हेमंत सोरेन सरकार को उनकी मांगें माननी पड़ीं।

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। साहू ने आरोप लगाया कि अगर जांच हुई तो कई भ्रष्ट अधिकारी और जिम्मेदार लोग जांच के दायरे में आएंगे।

इस बीच, मुख्यमंत्री द्वारा परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत की। मीडिया के सामने हुई इस बातचीत में सोनम वांगचुक ने आंदोलनकारी छात्रों को बधाई दी।

वांगचुक ने कहा, "सभी छात्रों को बधाई। मुझे खुशी है कि आपकी मेहनत रंग लाई।" उन्होंने छात्रों के साथ-साथ सरकार और मुख्यमंत्री को भी बधाई दी।

वहीं, देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों ने सोनम वांगचुक के मार्गदर्शन और प्रेरणा से संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि भूख हड़ताल के 16वें दिन और आंदोलन के 23वें दिन सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार कर लीं।

महतो ने कहा, "यह ऐसी जीत है जिसमें किसी की हार नहीं हुई है। यह छात्रों की भी जीत है और सरकार की भी, क्योंकि सरकार भी अच्छा करना चाहती है। यह सबकी जीत है।"

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी