झारखंड: गढ़वा में जनता और अधिकारियों ने मिलकर उठाया नदी की सफाई का बीड़ा
रांची, 30 मई (आईएएनएस)। झारखण्ड के गढ़वा जिले में एक नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए एक युवक की मेहनत रंग लाई। अब अधिकारी और जनता ने जुड़ कर 'आपन सरस्वतिया' नाम का अभियान शुरू किया है।
गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर सामूहिक सहयोग से प्रारंभ किए गए 'आपन सरस्वतिया' अभियान के दूसरे दिन भी नदी के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। दूसरे दिन तीन मशीनों (दो जेसीबी, एक पोकलेन) की मदद से नदी की सफाई कराई गई।
दूसरे दिन का यह अभियान शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी, नगर परिषद तथा ‘सिग्नेचर वाटर’ के प्रोपराइटर कुंदन यादव समेत अन्य सामाजिक सहयोगकर्ताओं के सहयोग से चलाया गया। नगर परिषद द्वारा दो जेसीबी उपलब्ध कराए गए। साथ ही दो नगर प्रबंधक एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक भी अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। जबकि डीजल की उपलब्धता व्यवसायी कुंदन यादव की ओर से रही।
डीसी ने कहा कि 'आपन सरस्वतिया' नाम देने के पीछे मूल भावना यही है कि गढ़वा शहर के प्रत्येक नागरिक को यह अनुभूति हो कि यह नदी हमारी अपनी धरोहर है तथा इसे बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने शहर के अन्य समाजसेवी संगठनों एवं सक्षम लोगों से भी अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह सामाजिक-प्रशासनिक सहभागिता से चल रहा जनअभियान है। ऐसे में प्रतिदिन अलग-अलग प्रायोजकों को आगे आना चाहिए। जो लोग एक दिन के लिए जेसीबी उपलब्ध करा सकते हैं, मशीन का डीजल खर्च वहन कर सकते हैं अथवा अन्य संसाधन उपलब्ध कराना चाहते हैं, वे स्वैच्छिक रूप से आगे आ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कई लोग स्वतः प्रेरित होकर अभियान से जुड़ रहे हैं तथा जनसहयोग मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि सरस्वतिया नदी में जानबूझकर कचरा डालने, मिट्टी डालकर नदी का भराव करने या बिल्डिंग मटेरियल डालने वाले लोगों पर न केवल दंड अधिरोपित किया जाएगा बल्कि उक्त कचरा हटवाने का व्यय भी उन्हीं से लिया जाएगा। इस हेतु नगर परिषद को भी जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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