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झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, भाजपा-जदयू ने कांग्रेस और सोरेन सरकार को घेरा

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर बिहार एनडीए नेताओं ने एक बार फिर इंडिया गठबंधन की सरकार को घेरा है। भाजपा नेता और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की, लेकिन विपक्ष शासित राज्यों में ऐसी ही घटनाओं पर चुप्पी साध ली गई है।
 

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर बिहार एनडीए नेताओं ने एक बार फिर इंडिया गठबंधन की सरकार को घेरा है। भाजपा नेता और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की, लेकिन विपक्ष शासित राज्यों में ऐसी ही घटनाओं पर चुप्पी साध ली गई है।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "जब पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था, तो सरकार ने भी माना था कि छात्रों का विरोध जायज है और धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि झारखंड, कर्नाटक और केरल में भी पेपर लीक हुआ, लेकिन वह जवाबदेही तय नहीं की गई। राहुल गांधी और अन्य लोगों को छात्रों की कोई चिंता नहीं है"

वहीं, जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी झारखंड छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "छात्रों के इस आंदोलन को पूरे देश से नैतिक बल मिला है। जिस शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से उन्होंने अपनी मांगें रखीं, उसका सम्मान झारखंड सरकार को करना चाहिए। लेकिन आंदोलनकारियों के धरना स्थल पर बिजली काट दी गई, जेनरेटर के कनेक्शन काटे गए और आईडी देखकर छात्रों की पहचान की जा रही है। उनके अंदर यह डर पैदा किया जा रहा है कि भविष्य में वे किसी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। बावजूद इसके छात्र सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द कराने की मांग पर डटे हुए हैं।"

उन्होंने कहा, "अगर दाल में कुछ काला नहीं है तो हेमंत सोरेन की सरकार को इस गतिरोध को निपटाना चाहिए। सरकार को छात्रों की इन दो महत्वपूर्ण मांगों को तुरंत स्वीकार करना चाहिए।"

बिहार छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर एके-47 चलाने के विरोध में तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के आह्वान पर राजीव रंजन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "बिहार में छात्रों को बरगलाने की कोशिश कम से कम तेजस्वी यादव को नहीं करनी चाहिए। वह छात्रों के भविष्य को लेकर अपना क्या विजन बताएंगे? खुद की शिक्षा पर्याप्त नहीं है। मुद्दों से कभी गंभीरता से नहीं जुड़ते। जब राज्य को आवश्यकता होती है तो बतौर नेता प्रतिपक्ष वो कहीं दिखते नहीं हैं।"

जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि अब छात्र-नौजवानों के आंदोलन के जरिए कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन बिहार के छात्र और नौजवान ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आने वाले हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी