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झारखंडः चतरा में 60 लाख के जेवर चोरी का खुलासा, ओडिशा का आरोपी गिरफ्तार

चतरा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाजार में एक ज्वेलरी व्यवसायी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए ओडिशा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंतरराज्यीय 'गुलगुलिया' गिरोह का सक्रिय सदस्य है, जो विभिन्न राज्यों में ज्वेलरी कारोबारियों और वाहन चालकों को निशाना बनाता रहा है।
 

चतरा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाजार में एक ज्वेलरी व्यवसायी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए ओडिशा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंतरराज्यीय 'गुलगुलिया' गिरोह का सक्रिय सदस्य है, जो विभिन्न राज्यों में ज्वेलरी कारोबारियों और वाहन चालकों को निशाना बनाता रहा है।

पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के जाजपुर जिले के जाखापुर थाना क्षेत्र स्थित दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान के रूप में हुई है। उससे पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली और कई अहम जानकारियां मिली हैं। यह वारदात 12 जुलाई को इटखोरी बाजार में हुई थी।

आरोपी ने घटना से पहले कई दिनों तक ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की गतिविधियों की रेकी की। इसके बाद वह ग्राहक बनकर दुकान पहुंचा और आधा किलो सोना सस्ते दाम पर बेचने का झांसा दिया। इसी दौरान उसने व्यवसायी की दिनचर्या, आवाजाही और जेवर ले जाने के तरीके की जानकारी जुटाई। बाद में मौका मिलते ही बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के जेवर लेकर फरार हो गया।

एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों में ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाने की घटनाओं में भी शामिल रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह का संचालन ओडिशा से किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो सदस्यों को विभिन्न राज्यों में वारदात अंजाम देने के लिए भेजता था और इसके बदले उन्हें मासिक भुगतान करता था।

गिरोह में ओडिशा के दशमनिया और आसपास के गांवों के कई युवक शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। उन्हें वाहन की डिक्की बिना क्षति पहुंचाए खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद तेजी से फरार होने के तरीके सिखाए जाते थे। प्रशिक्षण के बाद उन्हें अलग-अलग राज्यों में सक्रिय किया जाता था। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम