Aapka Rajasthan

झारखंड भाजपा को 14 जनवरी को मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष, आदित्य साहू का निर्विरोध चुना जाना तय

रांची, 12 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा 14 जनवरी को कर दी जाएगी। इस पद पर वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
 
झारखंड भाजपा को 14 जनवरी को मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष, आदित्य साहू का निर्विरोध चुना जाना तय

रांची, 12 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा 14 जनवरी को कर दी जाएगी। इस पद पर वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारी और सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया 13 और 14 जनवरी को संपन्न होगी। नामांकन की प्रक्रिया 13 जनवरी को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि शाम 5 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। अगर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 14 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।

हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन और केंद्रीय नेतृत्व में आदित्य साहू के नाम पर व्यापक सहमति बन चुकी है, ऐसे में उनके निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना है। आदित्य साहू वर्तमान में कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में संगठन की कमान संभाल रहे हैं। संगठनात्मक अनुभव, कार्यशैली और राज्य भर में पकड़ को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व उन्हें पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपने के पक्ष में है।

केंद्रीय मंत्री और झारखंड भाजपा के राज्य चुनाव अधिकारी जुएल ओरांव के आज रांची पहुंचने की संभावना है। उनके आगमन के बाद प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम रणनीति पर चर्चा होगी।

बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के लिए 14 जनवरी की तिथि का विशेष महत्व भी है। इस दिन खरमास की समाप्ति और मकर संक्रांति का पर्व है, जिसे हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। पार्टी इसे नए संगठनात्मक अध्याय की शुभ शुरुआत के रूप में देख रही है।

इस चुनावी प्रक्रिया के तहत केवल प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय परिषद के 15 से अधिक सदस्यों का भी चयन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस सूची में राज्य के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया जा सकता है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका मिल सके।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी