झारखंड में बार-बार पेपर लीक की हो निष्पक्ष जांच, सुनी जाए छात्रों की समस्या: दिलीप घोष
कोलकाता, 19 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर और राज्य में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रश्न-पत्र लीक होने की घटनाओं पर सवाल उठाना पूरी तरह जायज है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और प्रश्न-पत्र लीक के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि आखिर बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। निश्चित रूप से कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ी है और उसकी पहचान कर जांच की जानी चाहिए, जिससे छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और समस्याओं का समाधान हो सके।
वहीं, मस्जिदों समेत धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर घोष ने कहा कि कई जगहों पर बिना अदालत या पुलिस की अनुमति के माइक्रोफोन लगाए गए थे। कई स्थानों पर ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक था। नियमों का पालन कराने के दौरान हजारों स्थानों से लाउडस्पीकर हटाए गए।
कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के आरोपों से जुड़ी पीआईएल खारिज किए जाने पर भी घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोर्ट या पुलिस की अनुमति से लाउडस्पीकर नहीं लगाए गए थे। उन्हें गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था और आवाज़ का स्तर भी तय सीमा से ज़्यादा था। इसीलिए हज़ारों जगहों से लाउडस्पीकर हटाए गए। लोगों ने खुद ही उन्हें हटा दिया, और जहां उन्होंने ऐसा नहीं किया, वहां पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मस्जिदों की बात नहीं है। दूसरे धर्मों के भी कई पूजा-स्थल हैं जहां लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होता था और सभी ने नियमों का पालन किया है। जिन्होंने पालन नहीं किया, वे कोर्ट गए और कोर्ट ने स्वाभाविक रूप से उनकी याचिका खारिज कर दी। एक तरह से, यह सरकार को चुनौती देने जैसा भी है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैल गया है और यहां तक कि जिन संस्थाओं की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार रोकने की है, उनमें भी भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर है। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार तंत्र पर ही गंभीर आरोप लग रहे हैं।
--आईएएनएस
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