Aapka Rajasthan

झारखंड: 20 जून से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

रांची, 21 मई (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
 
झारखंड: 20 जून से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

रांची, 21 मई (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण और आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और जानकारी का सत्यापन करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस पुनरीक्षण अभियान के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

रवि कुमार ने कहा कि नए मतदाताओं के आवेदन, दावे और आपत्तियां भी बीएलओ घर-घर जाकर एकत्र करेंगे। जिन लोगों से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों से भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे।

उन्होंने मतदाताओं, राजनीतिक दलों, बीएलए और मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की, ताकि राज्य की मतदाता सूची को अधिक स्वच्छ, समावेशी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच