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'जीत के लिए पैतरे आजमा रहीं पार्टियां', बंगाल चुनाव और महिला आरक्षण विधेयक पर बोले बाबुल सुप्रियो

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। प्लेबैक सिंगर और राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने अपने नए गाने के रीमिक्स पर चर्चा की और बंगाल चुनावों तथा महिला आरक्षण विधेयक पर भी अपनी राय दी।
 
'जीत के लिए पैतरे आजमा रहीं पार्टियां', बंगाल चुनाव और महिला आरक्षण विधेयक पर बोले बाबुल सुप्रियो

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। प्लेबैक सिंगर और राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने अपने नए गाने के रीमिक्स पर चर्चा की और बंगाल चुनावों तथा महिला आरक्षण विधेयक पर भी अपनी राय दी।

उन्होंने 'धुरंधर' और 'धुरंधर-2' में इस्तेमाल किए गए रीमेक सॉन्ग पर भी बात की और कहा कि यह गाने हमेशा से आइकॉनिक थे, इसलिए आज इनके रीमेक बन रहे हैं।

अपने हालिया रिलीज गाने 'इंतहा हो गई 0.2' के बारे में बात करते हुए बाबुल सुप्रियो ने समाचार एजेंसी आईएनएस से कहा कि यह गाना अमिताभ बच्चन की फिल्म शराबी का है और गाने का रीमेक बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल भी किया गया, जिसके लिए मैंने पहले ही माफी मांग ली। उन्होंने फिल्म धुरंधर का उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्मों में पुराने गानों को रीमेक किया जा रहा है। धुरंधर को देख लीजिए, फिल्म में कई आइकॉनिक गानों का इस्तेमाल हुआ है और एआई की मदद से आवाज में फर्क लाने की कोशिश की गई है।

सिंगर अब वापस सिंगिंग की दुनिया में लौटना चाहते हैं, और यही कारण है कि इस बार उन्होंने बंगाल चुनाव में भागीदारी नहीं ली। सिंगर का कहना है कि राजनीति करने के लिए उम्र पड़ी है लेकिन पहला प्यार सिंगिंग है, और अब कुछ साल मुझे सिंगिंग को देने हैं।

उन्होंने बंगाल चुनाव पर बात करते हुए कहा कि इस बार चुनाव में अलग-अलग पैतरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि चुनाव जीता जा सके। एसआईआर के जरिए लाखों वोटर्स को परेशान किया जा रहा है और सत्ता में बैठी सरकार ने चुनाव आयोग का स्ट्रक्चर बदल दिया है। वहां भी अपने लोगों को बैठा दिया। ये लोग लॉजिक और एथिक्स से परे काम कर रहे हैं। बंगाल की जनता चुनाव में इसका जवाब भी देने वाली है और जीत ममता सरकार की ही होगी।

उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि जो भी कहना है वो 16 अप्रैल को कहेंगे, क्योंकि विपक्ष के सभी नेताओं के साथ बातचीत हो चुकी है और चुनाव के बीच में सीटों की संख्या को बढ़ाने का क्या मतलब होता है? असम में चुनाव हो रहे हैं और बंगाल में भी आने वाले समय में होने वाले हैं। ऐसे पैतरों से बचना चाहिए क्योंकि अगर हर कोई धुरंधर बनने की कोशिश करेगा तो धुरंधर-2 भी कहीं न कहीं से निकल आएगा।

--आईएएनएस

पीएस/डीकेपी