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जीत-हार का संबंध एसआईआर से नहीं, जनता से विपक्ष के टूटे जुड़ाव से है: भूपेंद्र यादव

पटना, 5 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने और अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
 

पटना, 5 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने और अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।

पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध बनाना और पात्र नागरिकों को मताधिकार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 से 2024 तक आठ बार गहन पुनरीक्षण हो चुका है। पहले किसी राजनीतिक दल ने इस सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार है। इसके तहत मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नामों को दुरुस्त किया जाता है।

उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग 7.89 करोड़ मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को प्रारूप मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि 1.60 लाख बीएलए में से केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 89 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा किया था, लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा फॉर्म-7 भरने को कहे जाने के बावजूद आपत्तियां दर्ज नहीं कराई गईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यदि मतदाता सूची पर वास्तविक आपत्ति थी, तो उसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सामने आना चाहिए था।

भाजपा नेता ने विपक्षी दलों के थिंक टैंक में चरमपंथी विचारधारा के लोगों के प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी के निर्णयों पर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाता है, जिससे लोकतांत्रिक संवाद और जनविश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव में जीतने पर लोकतंत्र की जीत बताता है और हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। केरल में जीत को लोकतंत्र की जीत बताने वाले दल बिहार और अन्य राज्यों में हारने पर एसआईआर और ईवीएम को दोष देते हैं।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव में जीत-हार का संबंध एसआईआर से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और विपक्ष के जनता से टूटे जुड़ाव से है। उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान जनता के बीच सच्चाई पहुंचाने, भ्रम दूर करने और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। लोकतंत्र की रक्षा भाजपा की पंच निष्ठाओं में प्रथम है और पात्र नागरिकों को मताधिकार से जोड़ना इसकी प्रतिबद्धता है।

घुसपैठ के सवाल पर यादव ने कहा कि यह गंभीर विषय है। संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता की पात्रता में भारतीय नागरिकता और 18 वर्ष की आयु महत्वपूर्ण है। पात्र नागरिकों को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। दिल्ली के वायु प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति को लेकर संवेदनशील है और निर्माण कार्यों पर रोक, वर्क फ्रॉम होम तथा एनसीआर के लिए एकीकृत कार्ययोजना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में आकर चर्चा करने की अपील की।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी