जदयू नेताओं का विपक्ष पर तंज, कहा-'एमएलसी चुनाव में जदयू की 23 अक्टूबर को जीत तय'
पटना, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर जदयू ने अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा किया है। जदयू महासचिव श्याम रजक ने दो प्रमुख उम्मीदवारों के नामांकन पर कहा कि यह नामांकन इस बात का संदेश है कि 23 तारीख को जीत सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी इन दोनों उम्मीदवारों पर है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं ने दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का मन बना लिया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सामने आ रही खींचतान को लेकर भी जदयू महासचिव श्याम रजक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दल बैठकें तो बहुत करते हैं लेकिन चुनाव के समय इन बैठकों का कोई असर दिखाई नहीं देता।
उन्होंने बिहार विधान परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से एक दिन पहले दोनों दल बैठक करते हैं और अगले दिन हर कोई अपना-अपना उम्मीदवार घोषित कर देता है। इससे दोनों दलों के बीच समन्वय की स्थिति स्पष्ट हो जाती है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किए जाने के फैसले पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास को केवल जाति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। वे देश के सबसे महत्वपूर्ण और सम्मानित संतों में से एक हैं।
राजीव रंजन ने कहा कि शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में संत रविदास के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भदोही अपनी कालीन इंडस्ट्री के लिए प्रसिद्ध है और एक बड़े निर्यातक जिले के रूप में भी इसकी पहचान है। ऐसे में नाम परिवर्तन को उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का इससे बेहतर तरीका शायद ही कोई हो सकता है।
कैप्टन स्मित मच्छार के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के वरिष्ठ नेता, विपक्ष के नेता और विपक्ष का प्रमुख चेहरा हैं। ऐसे में उनकी “रहस्यमयी चुप्पी” समझ से परे है।
राजीव रंजन ने कहा कि यह राजनीति से ऊपर उठकर हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है और ऐसे समय में राहुल गांधी की चुप्पी हैरान करने वाली है।
--आईएएनएस
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