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जंगल, समुद्र और तट पर 36 घंटे तक चला भारत-ऑस्ट्रेलिया का सैन्य अभ्यास

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस) भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं ने केरल के तिरुवनंतपुरम में 36 घंटे तक चले एक बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान अपनी युद्धक तैयारियों और आपसी तालमेल को परखा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच चल रहा सैन्य अभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद-2026' का समापन हो गया।
 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस) भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं ने केरल के तिरुवनंतपुरम में 36 घंटे तक चले एक बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान अपनी युद्धक तैयारियों और आपसी तालमेल को परखा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच चल रहा सैन्य अभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद-2026' का समापन हो गया।

इस दौरान समुद्र और हवा के रास्ते सैनिकों को उतारने, समुद्र तट पर कब्जा करने और महत्वपूर्ण बंदरगाह सुविधाओं को सुरक्षित करने जैसे कई अहम अभियान पूरे किए गए। घने जंगल, समुद्र से घिरे द्वीप और चुनौतीपूर्ण तटीय इलाके हर जगह सैनिकों को अलग-अलग परिस्थितियों में अभियान चलाने की चुनौती मिली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद-2026' का समापन 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित 36 घंटे के संयुक्त सत्यापन अभ्यास के साथ हुआ।

यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-6 के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों की क्षमता, आपसी तालमेल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिलकर काम करने की तैयारी को परखना था। इस आखिरी 36 घंटे के अभ्यास में सैनिकों ने जंगल, द्वीप और तटीय क्षेत्रों में एक साथ कई तरह के सैन्य अभियान चलाए। समुद्र और हवाई मार्ग से सैनिकों को निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने के बाद समुद्र तट पर सुरक्षित मोर्चा तैयार करने और बंदरगाहों की महत्वपूर्ण सुविधाओं को अपने नियंत्रण में सुरक्षित रखने का अभ्यास किया गया।

इसके साथ ही घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने, आपदा के समय राहत पहुंचाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे अभियानों को भी अंजाम दिया गया। अभ्यास के दौरान आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के अभियानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अलग-अलग परिस्थितियों में दोनों देशों के सैनिकों ने मिलकर काम किया और यह दिखाया कि किसी संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान जमीन, समुद्र और हवा में उपलब्ध संसाधनों का किस तरह तालमेल के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस अभ्यास में केवल भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के जवान ही शामिल नहीं थे, बल्कि भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह प्राधिकरण और केरल अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं ने भी सहयोग किया। इससे सैन्य बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का प्रदर्शन हुआ। संयुक्त सत्यापन अभ्यास को ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के मेजर जनरल मैट बुर, भारतीय सेना की 54वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल कपिल राणा और भारत एवं ऑस्ट्रेलिया में न्यूजीलैंड के रक्षा अताशे कमोडोर एजे डाउलिंग ने देखा।

इस अभ्यास ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को एक बार फिर मजबूती दी है। साथ ही दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त अभियानों में बेहतर तालमेल, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और जरूरत पड़ने पर मिलकर प्रभावी कार्रवाई करने की अपनी तैयारियों को भी परखा।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके