जन सेना पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया के समन्वय के लिए पवन कल्याण ने बनाई 'ज्वाइनिंग कमेटी'
अमरावती, 16 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 'ज्वाइनिंग कमेटी' का गठन किया है, जो जन सेना पार्टी में शामिल होने वाले लोगों से समन्वय स्थापित करेगी। आंध्र प्रदेश के लिए 14 सदस्यों वाली एक कमेटी बनाई गई है। तेलंगाना के लिए भी जल्द ही एक कमेटी बनाई जाएगी।
पवन कल्याण की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हमने दूसरी पार्टियों के नेताओं, पढ़े-लिखे लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ऐसे निष्पक्ष लोगों को आमंत्रित करने के लिए एक विशेष 'ज्वाइनिंग कमेटी' (शामिल करने वाली कमिटी) बनाई है, जो जन सेना पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं। यह 14 सदस्यों वाली कमेटी आंध्र प्रदेश राज्य से लोगों के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया का समन्वय करेगी।"
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, "इस कमेटी में विधायक बोलिसेट्टी श्रीनिवास, वामसी कृष्णा श्रीनिवास, पंथम नानाजी, सांसद लिंगमनेनी रमेश, पूर्व मंत्री बलिनेनी श्रीनिवास रेड्डी, पूर्व विधायक किलारी रोसैया, सामिनेनी उदयभानु, पार्टी के वरिष्ठ नेता कोटिकालापुडी चिनाबाबू, डॉ. हरिप्रसाद, डॉ. पेडापुडी विजय कुमार, कोरीकाना रविकुमार, वांपुरु गंगुलैया, टी.सी. वरुण और अरानी मदन शामिल होंगे। दिल्ली दौरे के बाद मैं इन सदस्यों के साथ बैठक करूंगा और पार्टी में शामिल होने के संबंध में निर्देश दूंगा। हम आंध्र प्रदेश की तर्ज पर ही तेलंगाना में भी एक 'जॉइनिंग कमेटी' नियुक्त करने की तैयारी कर रहे हैं।"
एक दिन पहले, 15 जून को पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'सेना प्रस्थान– देश की अखंडता के लिए' (सेना प्रस्थानम - देश समग्रता कोशम) कार्यक्रम के तहत मैं राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पूरी विनम्रता और सम्मान के साथ खड़ा हुआ और हमारी सशस्त्र सेनाओं के उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने भारत की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वहां अंकित हर नाम असाधारण साहस, नि:स्वार्थ समर्पण और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके बलिदान ने हमारी स्वतंत्रता की रक्षा की है, हमारी संप्रभुता को सुरक्षित रखा है और भारत की एकता और अखंडता को मजबूत किया है।
उन्होंने आगे कहा, "उस पवित्र स्मारक के सामने खड़े होकर मुझे याद आया कि भारत की ताकत न केवल उसकी उपलब्धियों में निहित है, बल्कि उन लोगों के साहस में भी है, जिन्होंने राष्ट्र को स्वयं से ऊपर और कर्तव्य को हर चीज से ऊपर रखा। गहरी कृतज्ञता के साथ मैंने हमारे शहीद नायकों को नमन किया और उनकी विरासत से प्रेरणा ली। उनका साहस हमें मार्गदर्शन देते रहे, उनका बलिदान हमें एकजुट करते रहे और उनकी भावना एक मजबूत, सुरक्षित और एकजुट भारत के निर्माण के हमारे संकल्प को मजबूत करती रहे।"
--आईएएनएस
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