जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस पर उठे सवाल, विधायक संजीव सरदार ने चेक पोस्ट पहुंचकर जताई नाराजगी
जमशेदपुर, 23 मई (आईएएनएस)। जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार से जुड़ा है। ट्रैफिक जांच के दौरान एक शिक्षक और उनके बेटे पर जुर्माना लगाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया, जिसके बाद टाटानगर ट्रैफिक चेक पोस्ट पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार, पोटका क्षेत्र के एक शिक्षक अपने बेटे के साथ ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान टाटानगर स्टेशन के पास ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट जांच अभियान चलाया जा रहा था। जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने शिक्षक के बेटे को रोक लिया और नियम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 10 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। बताया जा रहा है कि शिक्षक और उनके बेटे ने हेलमेट पहन रखा था और वाहन के सभी दस्तावेज भी मौजूद थे, लेकिन उनके पास मूल कागजात की जगह फोटोकॉपी थी। इसी बात को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की।
इसी बीच विधायक संजीव सरदार किसी कार्यक्रम के सिलसिले में बागबेड़ा क्षेत्र में मौजूद थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फोन पर ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों से बात की और युवक को छोड़ने के साथ मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की अपील की। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने विधायक से कहा कि वे डीएसपी स्तर के अधिकारी से आकर बात करें।
इसके बाद विधायक अपने समर्थकों और सहयोगियों के साथ सीधे टाटानगर ट्रैफिक चेक पोस्ट पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। इस दौरान मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। विधायक ने कहा कि ट्रैफिक जांच के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि की बात को भी नजरअंदाज किया जा सकता है, तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी ट्रैफिक पुलिस के रवैये को लेकर चर्चा होती रही। कई लोगों ने आरोप लगाया कि जांच अभियान के दौरान कई बार जरूरत से ज्यादा सख्ती और अभद्र व्यवहार किया जाता है। वहीं ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
--आईएएनएस
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